दिल्ली में प्रदूषण पर सियासत! BS-III डीजल वाहन से रामलीला मैदान पहुंचे राहुल गांधी और INDIA गठबंधन के नेता

नई दिल्ली। दिल्ली की जहरीली हवा के बीच रविवार को INDIA गठबंधन की रैली ने एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी समेत कई विपक्षी नेता रामलीला मैदान में आयोजित रैली के लिए एक खुली छत वाली गाड़ी से पहुंचे। विवाद तब बढ़ा, जब सामने आया कि नेताओं को लेकर चल रही इस गाड़ी का पंजीकरण BS-III डीजल वाहन के रूप में दर्ज है।

प्रदूषण नियंत्रण के नियमों के बीच वाहन को लेकर सवाल

द स्टेट्समैन की रिपोर्ट के मुताबिक, राजस्थान नंबर प्लेट RJ25 PA 2151 वाली इस गाड़ी की ऑनलाइन वाहन जानकारी में इसे BS-III डीजल वाहन बताया गया है। रिपोर्ट में वाहन की पहचान महिंद्रा मिनी बस के रूप में की गई है, जिसे संशोधित कर खुली छत वाला बनाया गया था।

दिल्ली सरकार के शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण उपायों के तहत 1 नवंबर से राजधानी में बाहर से पंजीकृत BS-VI से कम मानक वाले पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर रोक लागू की गई है। ऐसे में विपक्षी नेताओं के इस वाहन से यात्रा करने पर नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

दिल्ली में लागू हुई नई पाबंदी

दिल्ली में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए 1 नवंबर से 31 जनवरी तक बाहर से आने वाले गैर-BS-VI पेट्रोल और डीजल वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, CNG, इलेक्ट्रिक और निर्धारित छूट प्राप्त वाहनों को इससे राहत दी गई है।

इन नियमों के लागू होने से पहले ही रैली में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों को लेकर सवाल उठ रहे थे। प्रशासन ने प्रदूषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए सीमावर्ती इलाकों में जांच व्यवस्था भी मजबूत की थी।

रैली के लिए जुटे विपक्षी नेता

INDIA गठबंधन ने रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ के नारे के साथ रैली आयोजित की। इसमें राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव और ममता बनर्जी सहित कई विपक्षी नेताओं ने हिस्सा लिया। गठबंधन का मुख्य मुद्दा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं का विरोध रहा। विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई।

प्रदूषण बनाम राजनीतिक प्रदर्शन

दिल्ली पहले से ही खराब वायु गुणवत्ता की समस्या से जूझ रही है। ऐसे समय में प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू प्रतिबंधों के बीच कथित तौर पर कम उत्सर्जन मानक वाले वाहन से विपक्षी नेताओं की यात्रा ने राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है।

अब सवाल उठ रहा है कि जब आम नागरिकों और दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर प्रदूषण नियमों के तहत सख्ती लागू है, तो क्या राजनीतिक कार्यक्रमों में शामिल वाहनों पर भी उन्हीं नियमों का समान रूप से पालन कराया गया? इस मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से कार्रवाई या किसी विशेष छूट की पुष्टि सामने आना बाकी है।

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