विरोध की रचना या लोकतंत्र की गलत व्याख्या?
विरोध की रचना या लोकतंत्र की गलत व्याख्या? अमर शर्मा – अनिरुद्ध नारायण हाल के हफ्तों में भारत में CJP आंदोलन से जुड़े विरोध प्रदर्शनों ने एक पुरानी बहस को…
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विरोध की रचना या लोकतंत्र की गलत व्याख्या? अमर शर्मा – अनिरुद्ध नारायण हाल के हफ्तों में भारत में CJP आंदोलन से जुड़े विरोध प्रदर्शनों ने एक पुरानी बहस को…
शेक्सपीयर का ‘द टेम्पेस्ट’ और एआई की असली कीमत: तकनीक के जादू के पीछे छिपे सच पर सवाल लेखक: अमर शर्मा आधुनिक दौर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को मानव सभ्यता…
भगत सिंह से भारत भूषण तिवारी तक एक विचार की यात्रा या एक त्रासदी? लेखक: अमर शर्मा, TWM News बिहार सह-लेखक: अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न बिहार की मिट्टी ने हमेशा क्रांतिकारियों…
“युद्ध खत्म, समस्या जस की तस: अमेरिका–ईरान सीजफायर पर उठे गंभीर सवाल” 60 दिन की मोहलत या फिर अगली टकराव की तैयारी? महंगी जंग के बाद फिर वहीं खड़ा हुआ…
लोकतंत्र का पतन और सच की कीमत: सिसरो से आज तक सत्ता बनाम विचार की जंग निहाल कुमार दत्ता एवं – अमर शर्मा, अनिरुद्ध नारायण (ओपिनियन) पटना: क्या कानून सत्ता…
बदलती दुनिया में ‘मजबूरी की दोस्ती’: दबाव में नए समीकरण गढ़ते वैश्विक गठबंधन अमर शर्मा (ओपिनियन) नई दिल्ली: वैश्विक राजनीति के बदलते परिदृश्य में पुराने गठबंधनों की चमक फीकी पड़ती…
क्या ट्रंप के खिलाफ ईरान दोहराएगा 1979 की क्रांति? इतिहास और वर्तमान के बीच खड़ा बड़ा सवाल बढ़ते अमेरिकी दबाव, आंतरिक असंतोष और ऐतिहासिक संदर्भों के बीच ईरान में बदलाव…
एआई युग में नेगोशिएशन का विज्ञान: बदलते दौर में संवाद और समझौते की नई परिभाषा तेजी से बदलते तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने न केवल काम करने के…
इक्कीसवीं सदी में भी थिएटर क्यों ज़रूरी है? हक़ीक़त का आख़िरी मंच लेखक: अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न, बीएजेएमसी) संपादन: निहाल कुमार दत्ता इक्कीसवीं सदी को तकनीक, डिजिटल मीडिया और तेज़ रफ्तार…
मोदी की ‘मेलोडी’ डिप्लोमेसी: इटली की पीएम मेलोनी को भेंट की भारतीय टॉफी, वैश्विक मंच पर गूंजा देसी स्वाद विशेष लेख | अमर शर्मा संपादन: निहाल दत्ता नई दिल्ली/रोम। जहां…