Category: Opinion

बदलती दुनिया में ‘मजबूरी की दोस्ती

बदलती दुनिया में ‘मजबूरी की दोस्ती’: दबाव में नए समीकरण गढ़ते वैश्विक गठबंधन अमर शर्मा (ओपिनियन) नई दिल्ली: वैश्विक राजनीति के बदलते परिदृश्य में पुराने गठबंधनों की चमक फीकी पड़ती…

क्या ट्रंप के खिलाफ ईरान दोहराएगा 1979 की क्रांति?

क्या ट्रंप के खिलाफ ईरान दोहराएगा 1979 की क्रांति? इतिहास और वर्तमान के बीच खड़ा बड़ा सवाल बढ़ते अमेरिकी दबाव, आंतरिक असंतोष और ऐतिहासिक संदर्भों के बीच ईरान में बदलाव…

एआई युग में नेगोशिएशन का विज्ञान

एआई युग में नेगोशिएशन का विज्ञान: बदलते दौर में संवाद और समझौते की नई परिभाषा तेजी से बदलते तकनीकी युग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ने न केवल काम करने के…

इक्कीसवीं सदी में भी थिएटर क्यों ज़रूरी है?

इक्कीसवीं सदी में भी थिएटर क्यों ज़रूरी है? हक़ीक़त का आख़िरी मंच लेखक: अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न, बीएजेएमसी) संपादन: निहाल कुमार दत्ता इक्कीसवीं सदी को तकनीक, डिजिटल मीडिया और तेज़ रफ्तार…

मोदी की ‘मेलोडी’ डिप्लोमेसी

मोदी की ‘मेलोडी’ डिप्लोमेसी: इटली की पीएम मेलोनी को भेंट की भारतीय टॉफी, वैश्विक मंच पर गूंजा देसी स्वाद विशेष लेख | अमर शर्मा संपादन: निहाल दत्ता नई दिल्ली/रोम। जहां…

दुख अकेले नहीं आते

“दुख अकेले नहीं आते” – शेक्सपीयर का यह कथन आज भी क्यों प्रासंगिक है? लेखक: अमर शर्मा, TWM News अंग्रेज़ी साहित्य के महान नाटककार William Shakespeare का एक प्रसिद्ध कथन…

सिसिफस की मुस्कान

“सिसिफस की मुस्कान: बेमानी दुनिया में अर्थ गढ़ने की जिद” अमर शर्मा (विचार लेख) आज की दुनिया में जब हर व्यक्ति अपने जीवन के अर्थ की तलाश में भटक रहा…