धीरेंद्र शास्त्री पर भड़के तेजस्वी यादव, बोले- ‘सरकारी संरक्षण प्राप्त मनोरोगी’; भगवान कृष्ण पर टिप्पणी से बढ़ा विवाद

पटना। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर बिहार में सियासी विवाद तेज हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने शास्त्री पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए टिप्पणी को अशोभनीय, अमर्यादित और अक्षम्य बताते हुए भाजपा नेतृत्व से सार्वजनिक माफी की मांग की।

‘पहले इंसानों को बांटते थे, अब भगवान को भी बांटने लगे’

तेजस्वी यादव ने अपनी पोस्ट में किसी का नाम सीधे लिए बिना धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधा। उन्होंने कथित टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के लिए ‘सरकारी संरक्षण प्राप्त मनोरोगी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए धार्मिक भावनाओं और आस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण एक-दूसरे के पूरक हैं, उनमें भेद पैदा करने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। तेजस्वी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से देश, समाज तथा सनातन धर्म के अनुयायियों से माफी मांगने की मांग भी की।

क्या है पूरा विवाद?

दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में रामकथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और भगवान कृष्ण की तुलना करते हुए श्रीकृष्ण की मुद्रा, बांसुरी बजाने और उनके खड़े होने के अंदाज पर टिप्पणी की थी। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद कई धार्मिक नेताओं और राजनीतिक हस्तियों ने आपत्ति जताई।

विवाद का केंद्र उनकी वह टिप्पणी बनी, जिसमें उन्होंने भगवान राम को सीधे खड़े होने वाला और भगवान कृष्ण को तीन जगह से टेढ़ा बताया था। इसके अलावा उन्होंने बांसुरी बजाने और धनुष उठाने की तुलना भी की थी।

धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी

विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सफाई देते हुए कहा कि उनका उद्देश्य भगवान राम और कृष्ण के बीच भेद पैदा करना नहीं था। उन्होंने कहा कि वह स्वयं भगवान कृष्ण के भक्त हैं और उनकी टिप्पणी एक भक्ति पद की व्याख्या के संदर्भ में थी।

शास्त्री ने हाथ जोड़कर कहा कि यदि उनकी बात से किसी की धार्मिक भावना आहत हुई है तो वह क्षमा मांगते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी बात का गलत अर्थ निकाला गया और पूरा संदर्भ देखे बिना वीडियो के आधार पर विवाद खड़ा किया गया।

अखिलेश यादव ने भी की कार्रवाई की मांग

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस विवाद पर आपत्ति जताई। उन्होंने टिप्पणी को ईशनिंदा बताते हुए धीरेंद्र शास्त्री पर कार्रवाई और उन्हें प्रतिबंधित करने की मांग की। अखिलेश ने कहा कि भगवान राम और कृष्ण दोनों विष्णु के अवतार हैं और उनकी तुलना करके किसी एक को श्रेष्ठ बताने का प्रयास अनुचित है।

भगवान श्रीकृष्ण पर टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब धार्मिक मंच से निकलकर राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। हालांकि, धीरेंद्र शास्त्री की ओर से माफी और स्पष्टीकरण दिए जाने के बाद भी विपक्षी नेताओं की प्रतिक्रियाएं जारी हैं।

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