“नारी शक्ति को निर्णय प्रक्रिया में मिले पूरा अधिकार” — नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में पीएम मोदी का जोर
नई दिल्ली, राष्ट्रीय डेस्क।
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने सोमवार को विज्ञान भवन में आयोजित ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ को संबोधित करते हुए महिलाओं की निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी को देश के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावी स्थान दिया जाए।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को जमीनी स्तर पर लागू करना ही अब मुख्य लक्ष्य है, ताकि महिलाओं को नीति निर्माण में समान अवसर मिल सके।
इस सम्मेलन में विज्ञान, शिक्षा, उद्यमिता, मीडिया और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी कई महिला हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम को ‘विकसित भारत 2047’ के विजन से जोड़ते हुए पीएम मोदी ने कहा कि महिला सशक्तिकरण देश की विकास यात्रा का केंद्रीय स्तंभ है।
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में बताया कि देश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर करोड़ों महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रही हैं। साथ ही उन्होंने महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को शिक्षा, विज्ञान और रक्षा जैसे क्षेत्रों में भी सराहा।
उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में भारत एक बड़ा ऐतिहासिक निर्णय लेने की ओर बढ़ रहा है, जो महिलाओं के अधिकार और प्रतिनिधित्व को मजबूत करेगा। इस दिशा में 16 अप्रैल से होने वाले संसद सत्र को महत्वपूर्ण बताया जा रहा है, जिसमें महिला आरक्षण को लागू करने पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने देश की महिलाओं से आह्वान किया कि वे इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाएं और अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों। उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति का सशक्तिकरण ही देश के उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।”