“पश्चिम एशिया युद्ध का असर: वित्त मंत्री ने ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा पर सतर्क रहने की दी सलाह”
नई दिल्ली, 25 मई।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच भारत सरकार ने आर्थिक मोर्चे पर सतर्कता बढ़ा दी है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अधिकारियों को ईंधन, उर्वरक और विदेशी मुद्रा भंडार (फॉरेक्स) पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं।
वित्त मंत्री ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कहा कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों का भारतीय अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है, इसलिए जरूरी है कि इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखी जाए। उन्होंने विशेष रूप से कच्चे तेल की कीमतों में संभावित उतार-चढ़ाव और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को लेकर चिंता जताई।
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उर्वरकों और ऊर्जा संसाधनों की उपलब्धता प्रभावित हो सकती है, जिससे कृषि और औद्योगिक क्षेत्रों पर दबाव बढ़ सकता है। सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए वैकल्पिक स्रोतों और रणनीतियों पर काम कर रही है।
इसके अलावा, विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत बनाए रखने पर भी जोर दिया गया, ताकि किसी भी वैश्विक आर्थिक झटके का सामना किया जा सके। वित्त मंत्रालय के अनुसार, भारत की आर्थिक स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए सतर्क रहना जरूरी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसका असर भारत में महंगाई, व्यापार संतुलन और रुपये की स्थिरता पर पड़ सकता है।
(समाचार डेस्क)