बिहार में परीक्षा सुधार के लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित, पेपर लीक रोकने पर सरकार का जोर
पटना। बिहार में प्रतियोगी और भर्ती परीक्षाओं को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया है। समिति परीक्षा व्यवस्था की खामियों का अध्ययन कर पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं को रोकने के उपाय सुझाएगी।
समिति की अध्यक्षता सेवारत या सेवानिवृत्त न्यायाधीश को सौंपी जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिसमें पारदर्शिता, निष्पक्षता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। समिति परीक्षा प्रक्रिया में मौजूद कमियों की पहचान कर सुधारों को लेकर अपनी सिफारिशें देगी।
पेपर लीक और नकल पर लगेगी लगाम
प्रस्तावित सुधारों में पेपर लीक, नकल, प्रश्नपत्र या उत्तरपुस्तिका में छेड़छाड़, परीक्षा में गड़बड़ी और रिजल्ट में देरी जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य तकनीक के बेहतर इस्तेमाल के साथ परीक्षा प्रक्रिया को ज्यादा सुरक्षित बनाना है।
BJP की ओर से भी सरकार के इस कदम का स्वागत करते हुए कहा गया है कि पेपर लीक रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बहाल करना सरकार की प्राथमिकता बताई जा रही है।
छात्रों के आंदोलन के बीच बड़ा फैसला
परीक्षा सुधार को लेकर यह पहल ऐसे समय हुई है जब बिहार समेत देश के विभिन्न हिस्सों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर अभ्यर्थियों के बीच नाराजगी रही है। बिहार सरकार ने हाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा को भी अभ्यर्थियों की मांग के बाद एक चरण में कराने का फैसला किया था।
नई विशेषज्ञ समिति से उम्मीद है कि वह परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, विश्वसनीय और तकनीक आधारित बनाने के लिए ठोस सुझाव देगी। सरकार के इस कदम को परीक्षा में गड़बड़ी पर लगाम लगाने और अभ्यर्थियों का विश्वास बढ़ाने की दिशा में अहम पहल माना जा रहा है।