राहुल गांधी और कांग्रेस विदेशी ताकतों के सहारे सत्ता पाना चाहते हैं: चिराग पासवान
हाजीपुर में केंद्रीय मंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, राहुल गांधी से परिवार के सदस्यों की कुछ संगठनों से मुलाकात पर स्पष्टीकरण देने की मांग
हाजीपुर/वैशाली। केंद्रीय मंत्री एवं लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। मंगलवार को हाजीपुर में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में शामिल होने पहुंचे चिराग ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन और सत्ता वापस पाने के लिए विदेशी ताकतों का सहारा ले रहे हैं।
राहुल गांधी से मांगा स्पष्टीकरण
चिराग पासवान ने राहुल गांधी के हालिया बयानों पर पलटवार करते हुए कहा कि यदि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर विदेशी ताकतों के सहारे राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, तो उन्हें पहले अपने परिवार के सदस्यों की कुछ संगठनों और लोगों से मुलाकात को लेकर देश के सामने स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी और कांग्रेस को इस मुद्दे पर पहले अपनी ओर से जवाब देना चाहिए। हालांकि, चिराग ने अपने बयान में किसी संगठन या मुलाकात का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया।
जनता के मुद्दों से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस की राजनीतिक प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि विपक्ष को वास्तव में आम जनता की समस्याओं की चिंता होती, तो वह सड़क, बिजली, पानी और रोजगार जैसे मुद्दों को संसद और सार्वजनिक मंचों पर प्रमुखता से उठाता।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस का मुख्य उद्देश्य किसी भी कीमत पर सत्ता हासिल करना है। चिराग के मुताबिक, राजनीतिक दलों को लोकतांत्रिक व्यवस्था और देशहित को प्राथमिकता देनी चाहिए।
दिशा की बैठक में विकास योजनाओं की समीक्षा
चिराग पासवान ने ये बातें वैशाली में आयोजित दिशा की बैठक के दौरान कहीं। करीब दो घंटे चली बैठक में जिले में चल रही विकास योजनाओं और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
बैठक में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न योजनाओं पर चर्चा हुई। इस दौरान वैशाली की सांसद वीणा देवी, जिले के विधायक और राज्य सरकार के मंत्री भी मौजूद रहे।
चिराग पासवान के इस बयान से राहुल गांधी और कांग्रेस के खिलाफ भाजपा तथा एनडीए नेताओं की ओर से जारी राजनीतिक हमलों की कड़ी आगे बढ़ी है।