संसद में राम मंदिर मुद्दे पर सियासी घमासान: राहुल गांधी का हमला, पप्पू यादव का अलग तेवर; विपक्ष का जोरदार प्रदर्शन
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में राम मंदिर से जुड़े कथित दान घोटाले को लेकर सियासी माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए सरकार को घेरा, वहीं कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के तेवर भी काफी आक्रामक नजर आए।
रिपोर्ट्स के अनुसार, विपक्ष ने आरोप लगाया कि अयोध्या के राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान में गड़बड़ी हुई है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया गया, जिससे दोनों सदनों की कार्यवाही प्रभावित हुई।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले को “जनता की आस्था से जुड़ा मुद्दा” बताते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने प्रधानमंत्री से स्वतंत्र जांच कराने की मांग की और कहा कि इस मामले में चुप्पी स्वीकार्य नहीं है।
वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं ने इस मुद्दे को और आक्रामक तरीके से उठाया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी संसद के भीतर और बाहर अपने अंदाज में विरोध दर्ज कराया, जिससे राजनीतिक माहौल और तीखा हो गया।
दरअसल, राम मंदिर दान से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर पहले ही जांच शुरू हो चुकी है। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है और कई लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है, जबकि कुछ पदाधिकारियों ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दिया है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, दान में मिली नकदी और अन्य वस्तुओं के दुरुपयोग के आरोपों ने इस पूरे मामले को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बना दिया है।
संसद में इस मुद्दे पर लगातार हंगामे के कारण कार्यवाही बार-बार बाधित हो रही है। विपक्ष इसे “आस्था और पारदर्शिता” का सवाल बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष इन आरोपों को राजनीतिक करार दे रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि राम मंदिर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर बढ़ता राजनीतिक टकराव आने वाले समय में राष्ट्रीय राजनीति को और प्रभावित कर सकता है।