“अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” नहीं रहे असरानी : बॉलीवुड ने खोया हँसी का बादशाह
मुंबई,
हिंदी सिनेमा जगत के दिग्गज हास्य अभिनेता असरानी का मुंबई में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे असरानी ने शुक्रवार देर रात अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर से पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
असरानी ने अपने लंबे करियर में सैकड़ों फिल्मों में अभिनय किया और अपनी अदाकारी से दर्शकों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी। लेकिन फिल्म ‘शोले’ में उनका किरदार “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” आज भी लोगों की जुबान पर है। उनका मशहूर संवाद — “हम अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर हैं…” — हिंदी सिनेमा के इतिहास में अमर हो चुका है।
हास्य अभिनय में असरानी का कोई सानी नहीं था। उन्होंने गंभीर भूमिकाओं से लेकर कॉमिक टाइमिंग तक हर रूप में खुद को साबित किया। राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, जया भादुरी जैसे सितारों के साथ असरानी ने कई यादगार फिल्में दीं जिनमें ‘चुपके चुपके’, ‘अभिमान’, ‘शोले’, ‘आँधी’, ‘दिल्ली का ठग’ जैसी फिल्में प्रमुख हैं।
सिनेमा प्रेमियों के लिए असरानी का जाना एक युग के अंत जैसा है — वो युग जिसने हँसी को कला बनाया और अभिनय को ज़िंदगी से जोड़ा।