प्रेमचंद रंगशाला में हास्य के ठहाकों से गूंजा रंगमंच
‘दुश्मन उर्फ सैंया मगन पहलवानी में, सारा घर परेशानी में’ का सफल मंचन
पटना।
माध्यम फाउंडेशन, पटना के तत्वावधान में मंगलवार की शाम प्रेमचंद रंगशाला हास्य से सराबोर हो उठी, जब प्रसिद्ध नाटककार दया प्रकाश सिन्हा द्वारा रचित और बिहार कला पुरस्कार से सम्मानित रंगकर्मी धर्मेश मेहता के निर्देशन में अतिरंजित हास्य नाटक ‘दुश्मन उर्फ सैंया मगन पहलवानी में, सारा घर परेशानी में’ का सफल मंचन किया गया। संध्या 6:30 बजे शुरू हुए इस नाटक ने दर्शकों को शुरू से अंत तक बांधे रखा।
एक दृश्य और पांच पात्रों पर आधारित इस नाटक में तीन पुरुष और दो महिला पात्रों के माध्यम से हास्य रस की सशक्त सृष्टि की गई। संवाद, शारीरिक अभिनय और आंगिक चेष्टाओं के मेल ने दर्शक दीर्घा को बार-बार ठहाकों से भर दिया, जिससे प्रस्तुति की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नाटक की कथा एक पहलवान परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां मुख्य पात्र हिकमत सिंह अपने ‘दुश्मन’ से हर हाल में बीस रहने की जिद में जीवन के फैसले लेता है। पिता को दिए गए वचन को निभाने की कोशिश में वह बिना किसी शारीरिक संघर्ष के प्रतिद्वंद्विता निभाता है, जो हास्य के साथ-साथ आज के समय में प्रतीकात्मक संदेश भी देता है।

मंच पर निर्देशक धर्मेश मेहता ने ‘मामू’ की भूमिका में सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। दुर्गेश्वर विश्वकर्मा (हिकमत सिंह), सोनल कुमारी (लाली), चित्रप्रिया (मां) और विक्की पोद्दार (गोली प्रसाद) ने अपने-अपने पात्रों को प्रभावशाली ढंग से निभाया। सहायक निर्देशन देवेंद्र झा का रहा, जबकि संगीत एवं प्रकाश परिकल्पना राज कपूर ने संभाली। प्रस्तुति में संस्था के अन्य कलाकारों का भी सक्रिय सहयोग रहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी नरेश कुशवाह, बिहार सरकार के संस्कृति प्रकोष्ठ से जुड़े वरुण सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। दर्शकों की भरपूर सराहना और तालियों के बीच यह प्रस्तुति एक सफल और यादगार रंगमंचीय आयोजन साबित हुई।
