जमालपुर के वार्ड 12 की आमसभा में जनसमस्याओं पर गरमा-गरम चर्चा, फुटपाथ निर्माण नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी
जमालपुर:
नगर परिषद जमालपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट निर्माण की प्रक्रिया के तहत वार्ड स्तर पर आयोजित वार्ड सभा की बैठक में सदर बाजार क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर तीखी चर्चा हुई। वार्ड संख्या 12 की इस आमसभा की बैठक वार्ड पार्षद साईं शंकर की अध्यक्षता में श्री मारवाड़ी धर्मशाला के प्रांगण में आयोजित की गई। बैठक में नगर परिषद के असिस्टेंट आर्किटेक्ट राहुल रजक तथा कर संग्राहक कृष्ण मुरारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में सदर बाजार की मुख्य सड़कों पर लगने वाले जाम, पेयजल संकट, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट और सार्वजनिक शौचालय की कमी जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने सदर बाजार की सड़कों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है, जिसके कारण रोजाना लोगों को जाम और दुर्घटनाओं का सामना करना पड़ रहा है।

बैठक में कृष्ण कुमार यादव, विजय कुमार गोस्वामी, सुरेश प्रसाद वर्मा, अशोक कुमार चौरसिया और विपिन कुमार सिन्हा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि मुख्य सड़कों के दोनों किनारों पर अब तक फुटपाथ का निर्माण नहीं कराया गया है। इसके कारण सड़क पर अतिक्रमण और वाहनों की भीड़ बढ़ गई है। वहीं सड़कों पर आवारा पशुओं की आवाजाही भी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है, लेकिन जिला प्रशासन अब तक मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि बाजार क्षेत्र की कई गलियों में दर्जनों स्ट्रीट लाइट खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व और नशेबाज सक्रिय हो जाते हैं।
बैठक में शामिल युवाओं—प्रेम कुमार, राजन प्रसाद यादव, विकास कुमार, शिवम मस्कारा, निशांत कुमार और उत्तम कुमार—ने कहा कि लगभग 5000 की आबादी वाले इस वार्ड में एक भी डीलक्स सार्वजनिक शौचालय नहीं है। इसके कारण बाजार आने वाले व्यापारियों, राहगीरों और विशेष रूप से महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
वार्ड पार्षद साईं शंकर ने कहा कि सदर बाजार स्थित वार्ड संख्या 12 जमालपुर शहर के केंद्र में स्थित है और नगर परिषद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके बावजूद तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी वार्ड की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। न तो नई स्ट्रीट लाइट लगाई गई, न पेयजल की समुचित व्यवस्था हुई, न सड़कों और गलियों का निर्माण हुआ और न ही फुटपाथ व शौचालय का निर्माण किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो पीड़ित जनता संगठित होकर जन आंदोलन के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी।
बैठक में मौजूद कामरेड मुरारी प्रसाद ने नगर परिषद पर वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि परिषद के बजट और कार्यों में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च स्तर तक कमीशनखोरी के कारण कार्यों की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रह गई हैं। उन्होंने कहा कि जल्द ही इन कथित घोटालों का चरणबद्ध तरीके से खुलासा किया जाएगा।
इसके अलावा आमसभा में लोगों ने मारवाड़ी पट्टी, सोना पट्टी, हलवाई पट्टी, डीह जमालपुर और ताराचंद गली की जर्जर सड़कों के मरम्मत और नवीनीकरण, बाजार क्षेत्र में आवारा मवेशियों से मुक्ति, बंद पड़े चापानलों की मरम्मत, नालियों की सफाई के लिए स्लैब को फ्लेक्सिबल बनाने तथा बिजली के खंभों पर लगे नंगे तारों को हटाकर केबल लगाने की मांग भी उठाई।

बैठक में बालेश्वर प्रसाद, प्रीतम कुमार, मनीष कुमार, अवधेश कुमार साव, गौतम कुमार, अमर कुमार, राहुल जैकर, रवि कुमार, नवीन कुमार, भानु कुमार और चंदन कुमार सहित कई स्थानीय लोग उपस्थित थे।