एलपीजी सिलेंडर संकट पर केंद्र घिरा: संसद में विपक्ष का हंगामा, सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली:
देश में एलपीजी सिलेंडर की कथित कमी को लेकर संसद में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इस मुद्दे पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग की और आम जनता को हो रही परेशानी का सवाल उठाया।
संसद के बजट सत्र के दौरान कई विपक्षी सांसदों ने एलपीजी संकट को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन करते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब देने की मांग की। उनका कहना है कि देश के कई हिस्सों में गैस सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित होने से आम परिवारों और छोटे व्यवसायों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
विपक्षी नेताओं का आरोप है कि घरेलू रसोई गैस के बढ़ते दाम और कथित कमी ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है। उनका कहना है कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि “रसोई की अर्थव्यवस्था” से जुड़ा बड़ा सवाल है, जिसका असर सीधे करोड़ों परिवारों पर पड़ रहा है।
संसद के भीतर भी इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा देखने को मिला। विपक्षी सांसदों ने प्रश्नकाल के दौरान एलपीजी संकट का मुद्दा उठाया, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित करनी पड़ी।
वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि देश में ईंधन की आपूर्ति को लेकर स्थिति नियंत्रण में है और अनावश्यक घबराहट फैलाने की जरूरत नहीं है। सरकार का दावा है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद आपूर्ति बनाए रखने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता के कारण गैस आपूर्ति और कीमतों पर दबाव बढ़ा है, जिसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर भी पड़ रहा है।