राजघाट पहुंचे केजरीवाल, ‘सत्याग्रह’ का ऐलान: एक्साइज केस में कोर्ट बहिष्कार का फैसला
नई दिल्ली:
दिल्ली के कथित आबकारी नीति (Excise Policy) मामले को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal ने बड़ा कदम उठाते हुए ‘सत्याग्रह’ का रास्ता अपनाया है। इसी क्रम में वह वरिष्ठ नेता Manish Sisodia के साथ राजघाट पहुंचे और महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की।
जानकारी के अनुसार, केजरीवाल ने दिल्ली हाईकोर्ट की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह न तो खुद अदालत में पेश होंगे और न ही अपने पक्ष में कोई वकील खड़ा करेंगे।
‘सत्याग्रह’ के जरिए विरोध का रास्ता
राजघाट पहुंचकर केजरीवाल ने कहा कि वह महात्मा गांधी के ‘सत्याग्रह’ के मार्ग पर चल रहे हैं और न्याय की लड़ाई नैतिक आधार पर लड़ेंगे। उन्होंने इस कदम को न्यायपालिका के प्रति सम्मान बनाए रखते हुए उठाया गया फैसला बताया।
न्यायिक निष्पक्षता पर सवाल
यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब दिल्ली हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें केजरीवाल ने जज को मामले से अलग करने की मांग की थी। कोर्ट ने कहा कि पक्षपात के आरोप ठोस आधार पर नहीं हैं।
सिसोदिया भी ‘सत्याग्रह’ के साथ
केजरीवाल के इस फैसले के बाद मनीष सिसोदिया ने भी इसी राह पर चलते हुए अदालत में वकील न रखने और ‘सत्याग्रह’ के जरिए विरोध दर्ज करने का ऐलान किया है।