LoP विवाद पर सुनवाई के बीच कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं ममता बनर्जी, सियासी संग्राम तेज

स्पीकर के फैसले पर उठे सवाल, अदालत ने मांगी स्पष्टता  टीएमसी के अंदरूनी विवाद ने पकड़ा तूल

रिपोर्ट: अनिरुद्ध नारायण (इंटर्न)

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में नेता प्रतिपक्ष (LoP) को लेकर चल रहे विवाद के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं। यह मामला अब केवल राजनीतिक नहीं बल्कि संवैधानिक बहस का रूप ले चुका है, जिस पर अदालत में अहम सुनवाई जारी है।

जानकारी के अनुसार, यह विवाद उस समय गहरा गया जब विधानसभा स्पीकर द्वारा एक बागी विधायक को नेता प्रतिपक्ष के रूप में मान्यता दी गई। इस फैसले को लेकर तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के अंदर ही मतभेद उभर आए और मामला अदालत तक पहुंच गया।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने भी स्पीकर की भूमिका पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने यह जानना चाहा कि क्या स्पीकर किसी राजनीतिक दल की सिफारिश को नजरअंदाज कर सकते हैं या नहीं।

टीएमसी की ओर से दलील दी गई है कि नेता प्रतिपक्ष की नियुक्ति का अधिकार राजनीतिक दल के पास होना चाहिए, न कि केवल विधायी दल के आधार पर। वहीं, विरोधी पक्ष का कहना है कि स्पीकर का निर्णय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है।

ममता बनर्जी की अदालत में मौजूदगी इस मामले की गंभीरता को दर्शाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस विवाद का असर राज्य की सत्ता संतुलन और विधानसभा की कार्यप्रणाली पर पड़ सकता है।

 

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