₹25,863 करोड़ की पहली किस्त जारी, VB-G RAM-G योजना के क्रियान्वयन को मिली रफ्तार
नई दिल्ली, 5 जुलाई: केंद्र सरकार ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई नई योजना VB-G RAM-G (विकसित भारत–रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन-ग्रामीण) के तहत राज्यों को पहली किस्त जारी कर दी है। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को ₹25,863 करोड़ की “मदर सैंक्शन” राशि राज्यों को जारी की।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित समीक्षा बैठक में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान योजना के क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन भी किया गया।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस राशि का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्यों के पास पर्याप्त धन उपलब्ध रहे, ताकि मजदूरों को निर्धारित समय सीमा—15 दिनों के भीतर—मजदूरी का भुगतान किया जा सके। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे भी अपनी हिस्सेदारी समय पर जारी करें, जिससे भुगतान में कोई देरी न हो।
चौहान ने बताया कि यह योजना 1 जुलाई 2026 से पूरे देश में लागू हो चुकी है और इसकी शुरुआत बिना किसी बाधा के सफलतापूर्वक की गई है। उन्होंने इसे “प्रशासनिक उपलब्धि” बताते हुए कहा कि जहां मनरेगा को देशभर में लागू होने में लगभग तीन साल लगे थे, वहीं VB-G RAM-G को एक ही दिन में पूरे देश में लागू कर दिया गया।
सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराना, समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और टिकाऊ सामुदायिक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसके साथ ही पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेस ऑथेंटिकेशन और जियो-टैगिंग जैसी तकनीकों के उपयोग पर भी जोर दिया गया है।
बैठक में यह भी बताया गया कि योजना के पहले ही सप्ताह में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में काम शुरू हो चुका है और लाखों ग्रामीण मजदूरों को रोजगार मिलने लगा है। आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों ने पहले ही दिन उल्लेखनीय रोजगार सृजन किया है।
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी और राज्यों की मांग के आधार पर राशि जारी की जा रही है। साथ ही ग्राम सभाओं और पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों के चयन की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि समावेशी ग्रामीण विकास सुनिश्चित हो सके।