बांकीपुर का रण: मतदान की रफ्तार सुस्त, 11 बजे तक 11.50% वोटिंग; दिग्गज नेताओं ने डाला वोट
पटना: बिहार की राजधानी पटना स्थित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव के लिए मतदान सुबह 7 बजे से जारी है। इस चुनाव में कुल 3,79,616 मतदाता 25 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला कर रहे हैं। सुबह से ही विभिन्न मतदान केंद्रों पर युवा, महिलाएं, बुजुर्ग और पहली बार वोट डालने वाले मतदाताओं की लंबी कतारें देखने को मिलीं।
इस सीट पर मुख्य मुकाबला एनडीए की ओर से भाजपा उम्मीदवार नीरज सिन्हा, महागठबंधन की ओर से राजद प्रत्याशी रेखा गुप्ता और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर के बीच माना जा रहा है।
मतदान के दौरान कई प्रमुख नेताओं ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री सी.पी. ठाकुर और नवादा के सांसद विवेक ठाकुर ने बिहार राज्य पुस्तकालय प्राधिकार, डाकबंगला मतदान केंद्र पर वोट डाला। वहीं जेडीयू विधायक श्याम रजक ने फुलवारीशरीफ में और केंद्रीय मंत्री रामकृपाल यादव ने जीसस मैरी कॉन्वेंट स्कूल स्थित मतदान केंद्र पर मतदान किया।
हालांकि, मतदान की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी रही। सुबह के पहले चार घंटों में केवल 11.50 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम है। गौरतलब है कि पिछले चुनाव में इसी अवधि तक मतदान 14 प्रतिशत के पार पहुंच गया था और कुल मतदान प्रतिशत 41 रहा था।
इस बीच, कुछ क्षेत्रों में तनाव की स्थिति भी सामने आई है। किदवईपुरी, पीएनटी कॉलोनी, कदमकुआं और एएन कॉलेज जैसे इलाकों में भाजपा और जन सुराज समर्थकों के बीच नोकझोंक की शिकायतें मिली हैं। किदवईपुरी में तो पुलिस की मौजूदगी में धक्का-मुक्की की घटना भी सामने आई।
जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके समर्थकों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि “जहां भी जन सुराज समर्थक जुटते हैं, वहां पुलिस दबाव बनाती है। बीते 24 घंटों में 20 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि परिस्थितियां उनके पक्ष में हैं और भाजपा को हार का सामना करना पड़ेगा।
बताया जा रहा है कि बुधवार शाम को जन सुराज के करीब दो दर्जन कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बांकीपुर सीट राज्य की उन सीटों में शामिल है, जहां मतदान प्रतिशत पारंपरिक रूप से कम रहता है।
अब देखना यह होगा कि दिन चढ़ने के साथ मतदान प्रतिशत में कितनी बढ़ोतरी होती है और यह चुनावी मुकाबला किस करवट बैठता है।