बिहार में IPL की दस्तक की तैयारी, अपनी टीम के गठन पर भी मंथन; खेल मंत्री श्रेयसी सिंह की पहल से बढ़ी उम्मीद

पटना: बिहार में क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में बड़ी पहल शुरू हो गई है। राज्य को देश के बड़े क्रिकेट मंच पर स्थापित करने और यहां IPL मुकाबलों के आयोजन की संभावनाओं को लेकर मंथन तेज हो गया है। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के नेतृत्व में बिहार में IPL मैचों की मेजबानी के साथ-साथ राज्य की अपनी IPL फ्रेंचाइजी के गठन की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हुई है।

इसी क्रम में Kings XI Punjab के पूर्व COO और Rajasthan Royals के पूर्व VP राजीव खन्ना तथा बिहार खेल विभाग के निदेशक आरिफ अहसन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में बिहार में IPL मुकाबलों के आयोजन की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।

IPL मैचों की मेजबानी और अपनी टीम पर मंथन

बैठक में बिहार में IPL मुकाबलों की मेजबानी के लिए संभावित रोडमैप पर विचार किया गया। इसके साथ ही राज्य की अपनी IPL टीम के गठन की दिशा में संभावनाओं और जरूरी कदमों पर भी चर्चा हुई।

अगर बिहार में IPL मुकाबलों का आयोजन होता है, तो यह राज्य के क्रिकेट प्रेमियों के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। वहीं, अपनी IPL फ्रेंचाइजी के गठन की संभावना बिहार के क्रिकेट को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकती है।

हालांकि, IPL में किसी नई फ्रेंचाइजी के गठन और मुकाबलों की मेजबानी के लिए BCCI तथा IPL की निर्धारित प्रक्रिया और आवश्यक मंजूरियां पूरी करनी होंगी। फिलहाल हुई बैठक और चर्चा को इस दिशा में शुरुआती लेकिन महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है।

राजगीर से पटना तक मजबूत हो रहा क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर

बिहार में बड़े क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी के लिए आधारभूत ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। राजगीर इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम जैसे बड़े क्रिकेट मैदान के विकास के साथ पटना के मोइन-उल-हक स्टेडियम के प्रस्तावित पुनर्विकास से राज्य की मेजबानी क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस क्रिकेट स्टेडियम तैयार होने से बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े मुकाबलों की मेजबानी के लिए बेहतर आधार मिल सकता है।

खिलाड़ियों को मिलेगा बड़े मंच का अवसर

बिहार में IPL मुकाबले आयोजित होने से राज्य के युवा और उभरते क्रिकेटरों को भी अप्रत्यक्ष रूप से बड़ा फायदा मिल सकता है। बड़े मैचों का आयोजन होने से स्थानीय खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय क्रिकेट का अनुभव और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को करीब से देखने-समझने का अवसर मिलेगा।

राज्य में क्रिकेट का माहौल मजबूत होने से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने के लिए बेहतर मंच मिलने की उम्मीद है। IPL से जुड़े आयोजन खेल से आगे बढ़कर रोजगार, खेल पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति दे सकते हैं।

बिहार क्रिकेट के लिए बदल सकता है परिदृश्य

बिहार लंबे समय से क्रिकेट प्रतिभाओं के मामले में समृद्ध रहा है, लेकिन बड़े स्तर के क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर और शीर्ष मुकाबलों की मेजबानी के मामले में राज्य को अभी लंबा सफर तय करना है। ऐसे में IPL की मेजबानी और अपनी फ्रेंचाइजी की संभावित योजना राज्य के क्रिकेट परिदृश्य को बदलने वाली पहल साबित हो सकती है।

फिलहाल IPL की दस्तक और बिहार की अपनी टीम को लेकर शुरू हुई चर्चा ने क्रिकेट प्रेमियों और युवा खिलाड़ियों के बीच उम्मीद बढ़ा दी है। आने वाले समय में BCCI और IPL की प्रक्रिया के तहत होने वाले फैसले यह तय करेंगे कि बिहार कब और किस रूप में दुनिया की सबसे चर्चित टी20 लीग का हिस्सा बनता है।

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