UPI MDR पर केसी वेणुगोपाल का केंद्र पर हमला, बोले- ‘अमेरिका के सामने सरेंडर कर दिया’

नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026: UPI के चुनिंदा बड़े मर्चेंट लेनदेन पर Merchant Discount Rate (MDR) लागू किए जाने को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने नए UPI MDR फ्रेमवर्क को ‘पूरी तरह गलत’ बताते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी दबाव के आगे ‘सरेंडर’ कर दिया है।

‘आम लोगों पर पड़ेगा बोझ’

ANI से बातचीत में वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार पहले डिजिटल भुगतान को अपनी बड़ी उपलब्धि बताती थी, लेकिन अब UPI लेनदेन पर शुल्क की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे आम लोगों पर आर्थिक बोझ पड़ सकता है। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को बड़े स्तर पर उठाएगी।

UPI पर क्या है नया MDR नियम?

NPCI के नए फ्रेमवर्क के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा Person-to-Merchant (P2M) UPI लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। ₹75,000 या उससे अधिक के लेनदेन पर MDR की अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन रखी गई है। वहीं Person-to-Person (P2P) भुगतान पर कोई MDR नहीं लगेगा।

ग्राहक से शुल्क लेने की अनुमति नहीं

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI द्वारा वसूल नहीं किया जाएगा। यह भुगतान व्यवस्था से जुड़े बैंकों, पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स और अन्य प्रतिभागियों के बीच वितरित होगा। सरकार के मुताबिक ग्राहकों से MDR वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

96 फीसदी मर्चेंट लेनदेन पर असर नहीं

सरकार के अनुसार, करीब 96 प्रतिशत P2M UPI लेनदेन नए MDR से प्रभावित नहीं होंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान और निर्धारित छोटे व्यापारियों के लिए जीरो-MDR व्यवस्था जारी रहेगी।

अमेरिका के दबाव के आरोप पर सरकार का जवाब

कांग्रेस के नेताओं ने आरोप लगाया है कि UPI पर MDR लागू करने का फैसला अमेरिकी दबाव से जुड़ा है। वहीं केंद्र सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि UPI से जुड़े नीतिगत फैसले भारत स्वतंत्र रूप से लेता है और इस बदलाव का उद्देश्य डिजिटल भुगतान व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना है।

 

ANI – Pic credit

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