दरभंगा स्नातक सीट पर महागठबंधन में घमासान, RJD-कांग्रेस के बाद माले ने उतारा उम्मीदवार
पटना। बिहार विधान परिषद चुनाव में दरभंगा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर महागठबंधन के भीतर खींचतान सामने आ गई है। इस सीट पर अब महागठबंधन के तीन प्रमुख दलों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं। आरजेडी और कांग्रेस के बाद भाकपा-माले ने भी अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है।
आरजेडी ने दरभंगा स्नातक सीट से अनिल कुमार झा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने रजनीकांत पाठक को चुनाव मैदान में उतारा है। अब भाकपा-माले ने संदीप चौधरी को प्रत्याशी बनाकर मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। खास बात यह है कि तीनों दल महागठबंधन का हिस्सा हैं, लेकिन विधान परिषद चुनाव में एक ही सीट पर उनके प्रत्याशी एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।
भाकपा-माले के प्रत्याशी संदीप चौधरी ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से जुड़े रहे हैं और छात्र राजनीति में सक्रिय रहे हैं। पार्टी ने उनकी राजनीतिक सक्रियता और छात्र राजनीति के अनुभव को देखते हुए उन्हें दरभंगा स्नातक सीट से उम्मीदवार बनाया है।
इस सीट पर आरजेडी और कांग्रेस के बीच पहले से ही मुकाबला तय था। माले की एंट्री के बाद महागठबंधन के भीतर सीटों के तालमेल और आपसी समन्वय को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं। हालांकि, नामांकन वापसी की तारीख तक तस्वीर बदलने की संभावना बनी हुई है।
6 अक्टूबर नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख है। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे। दरभंगा स्नातक सीट के लिए 23 अक्टूबर को मतदान प्रस्तावित है। अब निगाह इस बात पर है कि नामांकन वापसी के दौरान महागठबंधन का कोई दल अपना प्रत्याशी पीछे करता है या तीनों उम्मीदवार मैदान में बने रहते हैं।