रामविलास पासवान की जयंती अब राजकीय समारोह, सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान
पटना। बिहार के पूर्व केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी के संस्थापक रामविलास पासवान की जयंती अब राज्य सरकार की ओर से राजकीय समारोह के रूप में मनाई जाएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को उनकी पुण्यतिथि पर यह घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रामविलास पासवान ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए समर्पित किया। उनके योगदान और सार्वजनिक जीवन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को सम्मान देने के लिए अगले वर्ष से 5 जुलाई को उनकी जयंती राजकीय समारोह के रूप में आयोजित की जाएगी।
सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए पासवान को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बिहार के इस महान सपूत के प्रति यह सरकार की श्रद्धांजलि और कृतज्ञता का प्रतीक है। मुख्यमंत्री पहले ही पटना के मरीन ड्राइव पर रामविलास पासवान की प्रतिमा स्थापित कराने की घोषणा कर चुके हैं।
खगड़िया में हुआ था जन्म
रामविलास पासवान का जन्म 5 जुलाई 1946 को खगड़िया के शहरबन्नी गांव में हुआ था। वे लंबे समय तक राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे और केंद्र में रेलवे, दूरसंचार समेत कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। वे नौ बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा के सदस्य रहे।
बिहार सरकार के इस फैसले के बाद उनके पुत्र और लोजपा (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने भी सरकार के प्रति आभार जताया है।