सुप्रीम कोर्ट मार्च पर चिराग पासवान का राहुल गांधी पर हमला, बोले- दलीलें नहीं चलीं तो सड़क से दबाव क्यों?
पटना। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के विरोध में इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में विपक्ष की दलीलें नहीं चलने के बाद अब सड़क पर उतरकर न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
चिराग पासवान ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब लेकर घूमते रहे, लेकिन उन्हें संविधान का पाठ देश के मुख्य न्यायाधीश ने पढ़ाया।
उन्होंने लिखा, “निकले थे ज्ञापन लेकर, लौटे सीजेआई से सबक लेकर। न्याय याचिका से मांगा जाता है, ज्ञापन से नहीं।” चिराग ने यह भी कहा कि एसआईआर पर सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है और ऐसे में सड़क पर उतरकर अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश उचित नहीं है।
मंडी हाउस के पास रोका गया मार्च
सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं ने एसआईआर और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च निकाला। हालांकि, दिल्ली में मंडी हाउस के पास सुरक्षा व्यवस्था के तहत मार्च को रोक दिया गया। इस दौरान विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
इससे पहले राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात कर मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे उठाने की मांग की थी। मुख्य न्यायाधीश ने लंबित न्यायिक मामले पर चर्चा के लिए मुलाकात से इनकार करते हुए नेताओं को संवैधानिक और न्यायिक प्रक्रिया के तहत अपनी बात रखने की सलाह दी थी।
विपक्ष के मार्च पर अन्य नेताओं ने भी उठाए सवाल
बिहार के नेता उपेंद्र कुशवाहा ने भी विपक्ष के मार्च की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष वोट चोरी के आरोपों के समर्थन में पर्याप्त सबूत पेश नहीं कर पाया है। वहीं, जदयू नेता श्रवण कुमार ने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले नेताओं को अपने कदमों पर विचार करना चाहिए।
एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर जारी विवाद के बीच विपक्ष और सत्तारूढ़ गठबंधन के नेताओं के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है।