दिल्ली में सोनिया गांधी ने लालू यादव से की मुलाकात, मनरेगा-RTE और RTI के दिनों को किया याद
मीसा भारती के आवास पर पहुंचकर जाना लालू प्रसाद का हालचाल, यूपीए सरकार के कार्यकाल में बिहार को मिले 1.45 लाख करोड़ रुपये का भी किया जिक्र
नई दिल्ली/पटना। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सोमवार को दिल्ली में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की। वह राजद सांसद मीसा भारती के आवास पर पहुंचीं, जहां उन्होंने लालू यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली। इस मुलाकात के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं ने यूपीए सरकार के कार्यकाल की पुरानी राजनीतिक यादें भी साझा कीं।
लालू प्रसाद यादव ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा करते हुए कहा कि सोनिया गांधी ने उनके आवास पहुंचकर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी ली। उन्होंने लिखा कि इस दौरान पुराने दिनों की यादें ताजा हुईं और यूपीए सरकार के समय लागू की गई जनकल्याणकारी योजनाओं तथा कानूनों पर चर्चा हुई।
मनरेगा, शिक्षा और सूचना के अधिकार पर हुई चर्चा
लालू यादव ने अपने पोस्ट में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम), शिक्षा का अधिकार (RTE) और सूचना का अधिकार (RTI) कानूनों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार के दौरान इन कानूनों के जरिए देश के नागरिकों को सशक्त बनाने की पहल की गई थी।
उन्होंने युवाओं, किसानों, जवानों और आम लोगों के लिए शुरू की गई योजनाओं को भी याद किया। लालू यादव ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस सरकार ने बिहार के विकास के लिए 1 लाख 45 हजार करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध कराई थी।
तेजस्वी यादव भी रहे मौजूद
इस मुलाकात के दौरान बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद रहे। तेजस्वी के मुताबिक, लालू यादव नियमित स्वास्थ्य जांच के सिलसिले में दिल्ली आए थे। उन्होंने रविवार को दिल्ली में हुई विपक्षी दलों की रैली के दौरान सोनिया गांधी को इसकी जानकारी दी थी। इसके बाद सोनिया गांधी ने लालू यादव से मिलने की इच्छा जताई।
तेजस्वी ने दोनों परिवारों के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मुश्किल समय में दोनों परिवार एक-दूसरे के साथ खड़े रहे हैं।
विपक्षी एकजुटता पर भी दिया जोर
मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने विपक्षी एकजुटता को जरूरी बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में विपक्षी दलों को मिलकर संघर्ष करना होगा। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में हुई विपक्षी रैली का भी जिक्र किया और कहा कि यह आंदोलन का अंतिम पड़ाव नहीं है।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है, जब बिहार और राष्ट्रीय राजनीति में कांग्रेस तथा राजद समेत विपक्षी दलों के बीच समन्वय और एकजुटता की चर्चा तेज है।