14 हजार करोड़ के नुकसान का दावा, 11 नवंबर तक प्रदर्शन-मुक्त दिल्ली चाहते हैं कारोबारी
पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर रैलियों, धरनों और मार्च पर अस्थायी रोक लगाने की मांग; INDIA गठबंधन की रैली के बाद व्यापारिक संगठनों ने जताई चिंता
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में लगातार हो रहे राजनीतिक प्रदर्शनों और रैलियों के कारण व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित होने का दावा करते हुए कारोबारियों ने 11 नवंबर तक दिल्ली को प्रदर्शन-मुक्त रखने की मांग की है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर 11 नवंबर तक राजधानी में रैलियों, धरनों, प्रदर्शनों और मार्च पर अस्थायी रोक लगाने का आग्रह किया है।
CTI का दावा है कि पिछले एक महीने के दौरान प्रदर्शनों और उनसे पैदा हुई यातायात संबंधी बाधाओं के कारण दिल्ली के कारोबार को करीब 14,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संगठन के मुताबिक, लगातार जाम और बाजारों तक ग्राहकों तथा मालवाहक वाहनों की पहुंच प्रभावित होने से व्यापारियों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
INDIA गठबंधन की रैली से बाजारों पर असर का दावा
व्यापारिक संगठन ने एक नवंबर को रामलीला मैदान में हुई INDIA गठबंधन की रैली का विशेष रूप से उल्लेख किया है। CTI के अनुसार, रैली के कारण मध्य दिल्ली और पुरानी दिल्ली के आसपास के प्रमुख बाजारों में कारोबार प्रभावित हुआ। संगठन का कहना है कि बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही के कारण कई इलाकों में यातायात बाधित रहा।
इससे पहले भी CTI ने रैली के आयोजन को लेकर चिंता जताई थी और कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी से कार्यक्रम को टालने या स्थान बदलने का अनुरोध किया था।
कारोबारियों को त्योहारों के मौसम की चिंता
CTI का कहना है कि त्योहारों और शादी-ब्याह के मौसम में बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही और माल की आपूर्ति बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे समय में बार-बार यातायात बाधित होने से दुकानदारों, थोक व्यापारियों और परिवहन कारोबार से जुड़े लोगों को नुकसान उठाना पड़ता है।
संगठन ने पुलिस प्रशासन से अपील की है कि व्यापारिक गतिविधियों को सामान्य बनाए रखने के लिए 11 नवंबर तक किसी भी बड़े प्रदर्शन या रैली की अनुमति न दी जाए।
11 नवंबर तक राहत की मांग
कारोबारियों की मांग है कि राजधानी में कानून-व्यवस्था और नागरिकों के शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार को ध्यान में रखते हुए ऐसे कार्यक्रमों के लिए वैकल्पिक स्थान और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था की जाए। CTI ने फिलहाल 11 नवंबर तक प्रदर्शन-मुक्त अवधि की मांग रखी है, ताकि बाजारों में कारोबार सामान्य हो सके।
हालांकि, 14 हजार करोड़ रुपये के नुकसान का आंकड़ा CTI का दावा है। इस संबंध में स्वतंत्र सरकारी आकलन या प्रशासन की ओर से इसकी पुष्टि सामने नहीं आई है।