हैदराबाद में होली पर पाबंदियां, बीजेपी ने कहा – “तुगलक फरमान”!
हैदराबाद। शहर में होली के उल्लास पर प्रशासन की सख्ती ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस द्वारा होली के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने को लेकर बीजेपी ने कड़ी आपत्ति जताई है। गोशामहल से बीजेपी विधायक राजा सिंह ने इसे “तुगलक फरमान” करार दिया और सरकार पर हिंदू त्योहारों के साथ भेदभाव करने का आरोप लगाया।
पुलिस ने जारी किए सख्त निर्देश
पुलिस के आदेश के अनुसार, 13 मार्च शाम 6 बजे से 15 मार्च सुबह 6 बजे तक सार्वजनिक स्थानों पर दोपहिया और अन्य वाहनों का समूह में चलना प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा, बिना सहमति के किसी पर रंग डालना, रंगीन पानी फेंकना या जबरन रंग लगाने पर भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह आदेश शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जारी किया है।
इसके साथ ही, पुलिस ने 14 मार्च को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक सभी शराब व ताड़ी की दुकानों और रेस्टोरेंट से जुड़े बार (स्टार होटल और रजिस्टर्ड क्लब को छोड़कर) को बंद रखने का आदेश दिया है।
बीजेपी विधायक का तीखा हमला
बीजेपी विधायक राजा सिंह ने इस आदेश पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “यह आदेश कांग्रेस सरकार के निर्देश पर जारी किया गया है। मैं मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारियों से पूछना चाहता हूं कि रमजान के दौरान 30 दिनों तक लोग रात में बाइक और समूहों में घूमते हैं, तब उन्हें कोई परेशानी नहीं होती? क्या तब यह ‘नौवें निजाम’ रेवंत रेड्डी और उनके अधिकारी नहीं देखते?”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस एक विशेष समुदाय की “गुलाम” बन चुकी है और हिंदू विरोधी नीतियां अपना रही है। राजा सिंह ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की तुलना निजाम से करते हुए कहा कि जैसे के. चंद्रशेखर राव को ‘आठवां निजाम’ कहा जाता था, वैसे ही रेवंत रेड्डी भी उसी राह पर चल रहे हैं।
राजनीति गरमाई, विवाद बढ़ने के आसार
राजा सिंह के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने इसे बीजेपी की “ध्रुवीकरण की राजनीति” करार दिया, जबकि बीजेपी ने इसे हिंदू त्योहारों पर रोक लगाने की साजिश बताया।
हैदराबाद में होली पर लगे प्रतिबंधों को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, और आने वाले दिनों में यह मामला और गरमा सकता है।