कैंपस स्थानांतरण का विरोध, नौवागढ़ी क्षेत्र को बताया अनुपयुक्त
जमालपुर। मुंगेर विश्वविद्यालय कैंपस को नौवागढ़ी स्थानांतरित किए जाने के विरोध में लौह नगरी जमालपुर के नागरिकों ने एकजुट होकर आंदोलन का ऐलान किया है। बुधवार को श्री मारवाड़ी धर्मशाला में आयोजित बैठक में शिक्षाविदों, बुद्धिजीवियों, सामाजिक संगठनों और छात्र प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय परिसर को जमालपुर में ही बनाए जाने की मांग उठाई। बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 मार्च को एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपेगा।
शहरी क्षेत्र में निर्माण की मांग
बैठक की अध्यक्षता प्रोफेसर श्याम देव भगत ने की, जबकि संचालन मुंगेर विश्वविद्यालय जमालपुर निर्माण संघर्ष मोर्चा के संयोजक साईं शंकर ने किया। साईं शंकर ने कहा कि कुलपति द्वारा 10 मार्च को जमालपुर के वलीपुर रोड, केशोपुर और इंदरुख मौजा का निरीक्षण किया गया था, जहां उन्होंने विश्वविद्यालय निर्माण के लिए पर्याप्त जमीन को उपयुक्त बताया था। यह क्षेत्र स्टेशन के करीब, कनेक्टिविटी में सुगम और सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित है। बावजूद इसके, विश्वविद्यालय को नौवागढ़ी क्षेत्र में स्थानांतरित करने की साजिश हो रही है, जो बाढ़ प्रभावित, क्राइम बेल्ट और रेलवे स्टेशन से कोसों दूर है।
जमालपुर को मिलना चाहिए न्याय
प्रो. भगत ने कहा कि आजादी के बाद से जमालपुर के साथ सौतेला व्यवहार हुआ है। रेलवे अप्रेंटिस स्कूल, टीए कैंप जैसे संस्थान बंद कर दिए गए। वहीं, वानिकी महाविद्यालय, इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज जैसी शैक्षणिक सुविधाएं अन्य क्षेत्रों में स्थानांतरित कर दी गईं। उन्होंने कहा कि लौह नगरी जमालपुर में विश्वविद्यालय निर्माण के लिए सैकड़ों एकड़ जमीन उपलब्ध है, फिर भी उसे नजरअंदाज किया जा रहा है, जो अन्यायपूर्ण है।
प्रतिनिधिमंडल में कई प्रमुख लोग शामिल होंगे
बैठक में निर्णय लिया गया कि 22 मार्च को एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौंपेगा। मौके पर जमालपुर चैंबर ऑफ कॉमर्स के संजीव कुमार उर्फ बबलू, सरदार मन्नी सिंह, निशांत कुमार, चंदन पासवान, दीपक कुमार, भूपेंद्र नाथ सिंह, रविंद्र कुमार रवि, प्रो. राजीव नयन, कपिल देव मंडल, ब्रह्मदेव चौरसिया, अमिताभ कश्यप, मो. आमिर खान, अशोक पासवान, रामोतार पासवान, विनोद मंडल, नवनीत कुमार, राजेश कुमार, सूरज कुमार सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

