पत्रकार सुरक्षा कानून की उठी मांग
महराजगंज। सीतापुर में दैनिक जागरण के पत्रकार राघवेंद्र वाजपेई की नृशंस हत्या के विरोध में इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन महराजगंज इकाई ने उप जिलाधिकारी नंद प्रकाश मौर्य को ज्ञापन सौंपा। पत्रकारों ने सरकार से अपराधियों को फांसी की सजा दिलाने और उत्तर प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांग की।
आक्रोश मार्च में गूंजे नारे
जिला प्रवक्ता करुणाकर राम त्रिपाठी के नेतृत्व में पत्रकारों ने आक्रोश पदयात्रा निकाली। “पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करो” और “हत्यारों को फांसी दो” जैसे नारे लगाते हुए मीडियाकर्मियों ने अपनी आवाज बुलंद की। पत्रकारों ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो वे प्रदेशव्यापी आंदोलन करेंगे।
पत्रकारों की सुरक्षा पर सवाल
जिला प्रवक्ता त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार पत्रकारों पर हमले हो रहे हैं। सीतापुर में राघवेंद्र वाजपेई की हत्या, जौनपुर में आशुतोष श्रीवास्तव की निर्मम हत्या और महोबा में दो पत्रकारों को निर्वस्त्र कर प्रताड़ित करने की घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुआवजे और सुरक्षा की मांग
इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन ने ज्ञापन में मांग की कि दिवंगत पत्रकार के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा, एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की जाए। साथ ही पत्रकारों को आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस को प्राथमिकता के आधार पर 15 दिन के भीतर जारी करने की मांग की गई।
फर्जी मुकदमों पर रोक की अपील
पत्रकारों ने आरोप लगाया कि भ्रष्ट अधिकारी और नेता, पक्ष में खबरें न लिखने पर पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। एसोसिएशन ने जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, सूचना अधिकारी और पत्रकार संगठन के प्रतिनिधियों की एक समिति गठित कर पत्रकारों के खिलाफ दर्ज मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की।
दुर्घटना बीमा की मांग
पत्रकारों ने सरकार से मांग की कि नगर और ग्रामीण क्षेत्र के पत्रकारों का पांच लाख रुपये का सामूहिक दुर्घटना बीमा कराया जाए, जिसकी किस्त सरकार वहन करे।
ये रहे शामिल
आक्रोश मार्च और ज्ञापन सौंपने में जिला महासचिव नवनीत त्रिपाठी, तहसील मीडिया प्रभारी अमित कुमार मिश्रा, तहसील उपाध्यक्ष महेश विश्वकर्मा, राम आशीष विश्वकर्मा, बीजू मोहन, असलम सिद्दीकी, डॉ. जावेद जाफरी सहित कई मीडियाकर्मी मौजूद रहे।