एयर इंडिया की उड़ानों पर संकट के बादल: लंदन जाने वाली फ्लाइट तकनीकी खराबी के कारण फिर रद्द
— पिछले सप्ताह हुए भीषण हादसे के बाद बढ़ी सुरक्षा चिंताएं, यात्रियों को किया गया रिफंड
नई दिल्ली/अहमदाबाद, 17 जून
पिछले सप्ताह अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दुखद हादसे में 274 लोगों की मौत के बाद, मंगलवार को एक बार फिर एयर इंडिया की लंदन जाने वाली फ्लाइट AI-159 को तकनीकी खराबी के चलते उड़ान भरने से रोक दिया गया। यह फ्लाइट दोपहर 1:10 बजे अहमदाबाद से रवाना होने वाली थी, जिसे अंतिम क्षणों में रोक दिया गया।
यह फ्लाइट हाल ही में दुर्घटनाग्रस्त हुए AI-171 की जगह शुरू की गई थी। दुर्घटनाग्रस्त विमान ने लंदन के गैटविक एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरी थी लेकिन टेकऑफ के कुछ ही देर बाद वह अहमदाबाद स्थित बी.जे. मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल इमारत पर गिर गया। इस भयावह हादसे में 242 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों के अलावा ज़मीन पर मौजूद 29 लोग भी मारे गए, जिनमें पाँच मेडिकल छात्र भी शामिल थे। विमान में केवल एक यात्री ही जीवित बचा।
AI-159 को भी उसी बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर से उड़ाया जाना था, जो पिछली बार दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। मंगलवार की फ्लाइट को ऐन मौके पर रद्द कर दिया गया। एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा है कि सभी प्रभावित यात्रियों को पूरा रिफंड प्रदान किया जाएगा।
लगातार चौथे विमान में तकनीकी खामी, 24 घंटे में चार घटनाएं
AI-159 की रद्दीकरण के साथ एयर इंडिया के विमानों में 24 घंटे के भीतर यह चौथी तकनीकी गड़बड़ी की घटना है। इससे पहले, मंगलवार को ही अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को से मुंबई जा रही AI-180 फ्लाइट में कोलकाता में स्टॉपओवर के दौरान इंजन में गड़बड़ी पाई गई, जिसके बाद यात्रियों को उतार लिया गया।
सोमवार को भी दो प्रमुख घटनाएं सामने आई थीं। हांगकांग से दिल्ली जा रही फ्लाइट AI-315 को टेकऑफ के तुरंत बाद तकनीकी खराबी के कारण वापस लौटना पड़ा। वहीं दिल्ली से रांची जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट को भी इंजन में संभावित खराबी के चलते वापस दिल्ली लौटना पड़ा।
AAIB ने शुरू की उच्चस्तरीय जांच, ब्लैक बॉक्स से मिले संकेत
AI-171 दुर्घटना के बाद विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने इस गंभीर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (FDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR)—जो मिलकर ब्लैक बॉक्स बनाते हैं—को सुरक्षित निकाल लिया गया है। विशेषज्ञ इन रिकॉर्डरों के जरिए दुर्घटना के कारणों की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों इंजनों ने काम करना बंद कर दिया था। अमेरिका नौसेना के पूर्व पायलट कैप्टन स्टीव शाइबनर ने मीडिया को बताया कि “राम एयर टर्बाइन (RAT) का एक्टिव होना इस ओर संकेत करता है कि विमान की दोनों इंजनें बंद हो चुकी थीं,” जो कि इतनी बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है।
जनता में बढ़ रही असुरक्षा की भावना, DGCA ने तलब की रिपोर्ट
विमानन क्षेत्र में लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों से यात्रियों में डर और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया से विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट मांगी है और सुरक्षा ऑडिट की प्रक्रिया तेज़ कर दी गई है।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “हम पूरी तरह से जांच एजेंसियों के साथ सहयोग कर रहे हैं और तकनीकी सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहे हैं। सभी ड्रीमलाइनर विमानों की विशेष जांच शुरू कर दी गई है।”
जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है और घटनाओं की संख्या बढ़ रही है, एयर इंडिया को यात्रियों का विश्वास दोबारा जीतने के लिए कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है। देश के सबसे पुराने एयरलाइंस ब्रांड के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।
रिपोर्ट: TWM न्यूज डेस्क