योगी जी की तारीफ़ महंगी पड़ी, अखिलेश ने विधायक पूजा पाल को समाजवादी पार्टी से किया बाहर
प्रयागराज/लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की खुलकर तारीफ़ करना समाजवादी पार्टी की विधायक पूजा पाल को भारी पड़ गया। पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ और ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ के आरोप में तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया।
प्रयागराज से सपा विधायक पूजा पाल ने सदन में बोलते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ नीति के चलते उन्हें वर्षों पुराने एक व्यक्तिगत मामले में न्याय मिला। उन्होंने अपने वक्तव्य में 2005 में मारे गए पति और पूर्व बसपा विधायक राजू पाल के हत्या मामले का ज़िक्र करते हुए अतीक अहमद जैसे अपराधियों पर की गई कार्रवाई की सराहना की। पूजा पाल ने कहा, “जब कोई सुनने को तैयार नहीं था, तब मुख्यमंत्री योगी जी ने मुझे न्याय दिलाया, इसके लिए मैं उनका आभार व्यक्त करती हूं।”
उनके इस बयान के कुछ घंटे बाद ही 14 अगस्त को सपा की ओर से जारी पत्र में उनके निष्कासन की घोषणा कर दी गई। अखिलेश यादव द्वारा हस्ताक्षरित पत्र में कहा गया कि पूर्व में चेतावनी देने के बावजूद पूजा पाल ने पार्टी को “गंभीर क्षति” पहुंचाने वाले कदम उठाए, जिसके कारण उन्हें सभी पदों से हटा दिया गया है और किसी भी पार्टी कार्यक्रम या बैठक में आमंत्रित नहीं किया जाएगा।
सपा के मुख्य सचेतक कमाल अख्तर ने उनके बयान को व्यक्तिगत मामला बताते हुए कहा कि अगर किसी सदस्य को पार्टी की नीतियों से असहमति है, तो उसे सदस्यता छोड़ देनी चाहिए।
वहीं, प्रदेश सरकार के मंत्री जे.पी.एस. राठौर ने पूजा पाल के वक्तव्य का समर्थन करते हुए कहा कि अतीक अहमद से जुड़े अपराधों के कारण उन्हें वर्षों से जो पीड़ा थी, उसका अंत मुख्यमंत्री योगी जी की सख्त कार्रवाई से हुआ है।
राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम को समाजवादी पार्टी के भीतर अनुशासन और पार्टी लाइन से अलग बयानबाज़ी पर सख़्त रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।