‘किसानों के लिए दीवार बनकर खड़ा हूं’ – स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी का आत्मनिर्भरता पर जोर
नई दिल्ली – लाल किले से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के साथ बढ़ते व्यापारिक तनाव और 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के मुद्दे के बीच स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपने किसानों और देशहित के लिए अडिग खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा, “मैं किसानों के लिए दीवार बनकर खड़ा हूं, कोई ताकत उनके हितों को नुकसान नहीं पहुंचा सकती।”
प्रधानमंत्री ने वैश्विक व्यापार चुनौतियों के बीच आत्मनिर्भरता को राष्ट्र की शक्ति का आधार बताते हुए सभी नागरिकों से उच्च गुणवत्ता और कम लागत वाले उत्पाद बनाने का संकल्प लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत को “दाम कम, दम ज़्यादा” के मंत्र के साथ आगे बढ़ना होगा, ताकि दुनिया में हमारी पहचान मजबूत हो।
अमेरिका का नाम लिए बिना पीएम मोदी ने विदेशी निर्भरता को राष्ट्र की स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया। उन्होंने चेतावनी दी, “जब हम दूसरों पर ज़रूरत से ज़्यादा निर्भर हो जाते हैं, तो हमारी स्वतंत्रता पर सवाल खड़ा हो जाता है। असली दुर्भाग्य तब शुरू होता है जब निर्भरता आदत बन जाए।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि आत्मनिर्भरता केवल आयात-निर्यात तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की क्षमताओं और मजबूती से जुड़ी है। “जब आत्मनिर्भरता कमजोर होती है, तो हमारी ताकत भी घटने लगती है। हमें अपनी क्षमताओं को सुरक्षित और सशक्त बनाए रखना होगा,” उन्होंने कहा।
पीएम मोदी ने यह भी संदेश दिया कि भारत को दूसरों को कमजोर करने के बजाय अपनी स्थिति मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए। उनके शब्दों में, “हमें किसी और की रेखा छोटी करने में ऊर्जा बर्बाद नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपनी रेखा को लंबा करने में पूरी ताकत लगानी चाहिए। दुनिया हमारी ताकत का सम्मान करेगी।”
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने किसानों के साथ उद्योग जगत को भी आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाने का आह्वान किया और कहा कि यही भारत की संप्रभुता को सुरक्षित रखने का रास्ता है।