“NEET पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त: NTA से मांगा जवाब, कहा—‘अब तक नहीं सीखा सबक’”
नई दिल्ली, 25 मई।
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-UG 2026) के पेपर लीक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एजेंसी ने पिछली घटनाओं से कोई सबक नहीं सीखा है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ, जिसमें जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे शामिल थे, ने मामले की सुनवाई के दौरान निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि पहले भी इसी तरह की घटनाओं पर निर्देश दिए गए थे, समिति बनाई गई थी और सिफारिशें भी लागू की गई थीं, इसके बावजूद स्थिति में सुधार नहीं हुआ।
कोर्ट ने NEET-UG 2026 पेपर लीक से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए NTA को नोटिस जारी किया और हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। साथ ही, पूर्व में गठित मॉनिटरिंग कमेटी द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।
इस मामले में कई याचिकाओं के माध्यम से NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएं, जिसमें प्रश्नपत्रों की “डिजिटल लॉकिंग”, कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) प्रणाली लागू करना और केंद्रवार परिणाम सार्वजनिक करना शामिल है।
कुछ याचिकाओं में NTA के पुनर्गठन या उसे समाप्त कर एक नए वैधानिक परीक्षा निकाय के गठन की भी मांग की गई है, यह कहते हुए कि मौजूदा व्यवस्था में जवाबदेही का अभाव है।
गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG 2026 परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद रद्द कर दिया गया था और मामले की जांच फिलहाल CBI द्वारा की जा रही है। इस घटना ने करीब 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य को प्रभावित किया है और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
**(समाचार डेस्क)**