अयोध्या बार एसोसिएशन का सख्त फैसला, आरोपियों का बहिष्कार  चंपत राय समेत तीन को शहर छोड़ने का अल्टीमेटम

अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न

अयोध्या, ।
राम मंदिर दान घोटाले को लेकर अयोध्या में विवाद लगातार गहराता जा रहा है। इस बीच फैजाबाद बार एसोसिएशन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला लिया है। बार एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि मंदिर दान गबन मामले में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी कोई भी वकील नहीं करेगा।

बार एसोसिएशन की आम बैठक में यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि कोई वकील इस फैसले का उल्लंघन करता है, तो उस पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।

तीन दिन में अयोध्या छोड़ने का निर्देश
एसोसिएशन ने मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव से भी नाराजगी जताते हुए उन्हें तीन दिनों के भीतर अयोध्या छोड़ने का अल्टीमेटम दिया है। कहा गया है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो शहर में अवरोध (ब्लॉकेड) की स्थिति उत्पन्न की जा सकती है।

आरोपियों के खिलाफ सख्त माहौल
बार एसोसिएशन का यह कदम मंदिर दान में कथित गबन के मामले को लेकर बढ़ते जनाक्रोश को दर्शाता है। आरोप है कि मंदिर में चढ़ावे की रकम के प्रबंधन में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं, जिसके बाद पुलिस ने कई लोगों को गिरफ्तार किया है।

जनभावनाओं का हवाला
एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि इस घटना से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, इसलिए आरोपियों का सामाजिक और कानूनी स्तर पर बहिष्कार जरूरी है।

जांच जारी, विवाद तेज
मामले की जांच जारी है और पुलिस लगातार पूछताछ व साक्ष्य जुटाने में लगी है। इस बीच बार एसोसिएशन के फैसले ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

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