कारगिल युद्ध की तर्ज पर हो ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की व्यापक समीक्षा, कांग्रेस ने उठाई मांग
नई दिल्ली। कांग्रेस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर कारगिल युद्ध के बाद गठित कारगिल रिव्यू कमेटी की तर्ज पर व्यापक समीक्षा कराने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि सैन्य अभियान से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों का संस्थागत और विशेषज्ञ स्तर पर आकलन होना चाहिए।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य और रणनीतिक पहलुओं की विस्तृत समीक्षा जरूरी है। पार्टी का मानना है कि समीक्षा के जरिए अभियान के दौरान सामने आई चुनौतियों, कमियों और भविष्य के लिए जरूरी सुधारों की पहचान की जानी चाहिए।
कारगिल के बाद भी हुई थी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
कांग्रेस ने अपनी मांग के लिए कारगिल रिव्यू कमेटी का उदाहरण दिया है। 1999 के कारगिल युद्ध के बाद केंद्र सरकार ने घटनाक्रम की समीक्षा और भविष्य के लिए सुझाव देने के उद्देश्य से समिति गठित की थी। इसके बाद राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा भी की गई थी।
पार्टी का तर्क है कि उसी तरह ऑपरेशन सिंदूर के अनुभवों से भी सीख लेते हुए रक्षा तैयारियों, खुफिया तंत्र, सैन्य रणनीति और निर्णय लेने की प्रक्रिया का स्वतंत्र विशेषज्ञों द्वारा आकलन किया जाना चाहिए।
संसद में चर्चा और पारदर्शिता की मांग
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस पहले भी सरकार से अधिक जानकारी साझा करने और संसद में विस्तृत चर्चा की मांग करती रही है। विपक्ष का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर संसद और देश को विश्वास में लिया जाना चाहिए।
कांग्रेस की मांग ऐसे समय सामने आई है जब ऑपरेशन सिंदूर के सैन्य अनुभवों और भविष्य की युद्ध रणनीति को लेकर सार्वजनिक चर्चा भी जारी है। विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक युद्ध में ड्रोन, सैटेलाइट, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता की भूमिका लगातार बढ़ रही है।
**कांग्रेस का कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर की व्यापक समीक्षा का उद्देश्य सेना के मनोबल पर सवाल उठाना नहीं, बल्कि अनुभवों से सबक लेकर देश की भविष्य की रक्षा तैयारियों को और मजबूत करना होना चाहिए।**