बिहार में शराबबंदी के 10 साल: 17 लाख से ज्यादा गिरफ्तारियां, कानून पर उठते सवाल
पटना, संवाददाता।
बिहार में लागू शराबबंदी कानून के बाद से अब तक 17 लाख से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2016 से मार्च 2026 के बीच कुल 17,18,058 लोगों को शराब से जुड़े मामलों में गिरफ्तार किया गया है।
राज्य के मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, इस अवधि में 11 लाख से अधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में मामलों का निपटारा भी किया जा चुका है। इनमें से अधिकांश मामलों में दोष सिद्धि भी हुई है, जिससे कानून के सख्त क्रियान्वयन का संकेत मिलता है।
सरकार का दावा है कि शराबबंदी से सामाजिक स्तर पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है, खासकर महिलाओं और परिवारों पर। वहीं दूसरी ओर, आलोचकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी यह भी दर्शाती है कि कानून के पालन में चुनौतियां बनी हुई हैं।
इस दौरान प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई करते हुए 4.8 करोड़ लीटर से अधिक शराब जब्त की है। साथ ही, तकनीक के इस्तेमाल से निगरानी बढ़ाने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।
राजस्व के मोर्चे पर भी विभाग ने वर्ष 2025-26 में 8403 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की, जो तय लक्ष्य से ज्यादा है।