बिहार में 49,751 करोड़ की सड़क परियोजनाओं को लेकर सम्राट चौधरी ने नितिन गडकरी से की मुलाकात
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे समेत चार बड़ी योजनाओं की शीघ्र मंजूरी का आग्रह, करीब 330 किलोमीटर सड़क और पुल परियोजनाओं पर हुई चर्चा
पटना। बिहार में सड़क और राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास को गति देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की। केंद्रीय मंत्री के आवास पर हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य की चार प्रमुख सड़क एवं एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को जल्द मंजूरी दिलाने का आग्रह किया। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 49,751 करोड़ रुपये है और इनकी कुल लंबाई करीब 330 किलोमीटर बताई गई है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, इन चारों परियोजनाओं को केंद्र की सार्वजनिक निजी भागीदारी मूल्यांकन समिति (PPPAC) से मंजूरी मिल चुकी है। अब इन्हें आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति (CCEA) की अंतिम स्वीकृति का इंतजार है। सम्राट चौधरी ने कहा कि इन योजनाओं के पूरा होने से बिहार में आवागमन सुगम होगा और परिवहन तथा लॉजिस्टिक्स की लागत कम करने में मदद मिलेगी।
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे पर विशेष जोर
बैठक में 31,987.11 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाले पटना-पूर्णिया चार लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इसके अलावा सरिस्ताबाद-दीदारगंज और अनीसाबाद-दीदारगंज खंड में छह लेन एलिवेटेड रोड एवं सर्विस रोड के निर्माण की योजना भी शामिल है। इस परियोजना पर लगभग 8,455.86 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
गंडक नदी पर बनेगा दो लेन का पुल
प्रस्तावित योजनाओं में एनएच-727एए पर गंडक नदी के ऊपर दो लेन का पुल भी शामिल है। यह पुल बिहार के बेतिया स्थित मनुआपुल को उत्तर प्रदेश के सेवरही क्षेत्र के तिवारीपट्टी से जोड़ेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 1,976.77 करोड़ रुपये है।
वहीं, वाराणसी-रांची-कोलकाता छह लेन ग्रीनफील्ड हाईवे के कोणकी गांव से लेरुआ गांव तक के हिस्से के निर्माण पर करीब 7,331.40 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
गोरखपुर-सिलीगुड़ी और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे का भी उठा मुद्दा
मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे के बिहार खंड को राष्ट्रीय एक्सप्रेस-वे के रूप में जल्द अधिसूचित करने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निर्माण-पूर्व गतिविधियों और भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में एनएचएआई को सहयोग दे रही है।
इसके साथ ही रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के संशोधित रूट को मंजूरी देने और अधिसूचना जारी करने का आग्रह भी किया गया। इस परियोजना को नेपाल के साथ व्यापारिक संपर्क और हल्दिया बंदरगाह तक बिहार की पहुंच बेहतर बनाने के लिहाज से महत्वपूर्ण बताया गया।
छह राष्ट्रीय राजमार्गों की डीपीआर को मंजूरी देने की मांग
बैठक में मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के चार लेन चौड़ीकरण कार्य में तेजी लाने का मुद्दा भी उठा। मुख्यमंत्री ने बताया कि बिहार में 323 किलोमीटर लंबाई की छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की डीपीआर तैयार कर केंद्र को भेजी गई है। इनकी अनुमानित लागत 13,015 करोड़ रुपये है। इनमें विक्रमशिला पुल का पहुंच पथ और मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ सड़क का चार लेन चौड़ीकरण शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इन परियोजनाओं की तकनीकी और वित्तीय स्वीकृति जल्द देने का अनुरोध किया। बैठक में सड़क नेटवर्क के विस्तार, पुलों और एक्सप्रेस-वे के निर्माण तथा बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
फिलहाल इन प्रमुख परियोजनाओं को अंतिम कैबिनेट मंजूरी मिलना बाकी है। मुख्यमंत्री की मांग के बाद अब इन योजनाओं पर केंद्र के अगले निर्णय का इंतजार रहेगा।