मुंबई हमला मामला: ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ का एंगल, NIA करेगी जांच—फडणवीस

मुंबई:
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मीरा रोड इलाके में दो सुरक्षा गार्डों पर हुए चाकू हमले के मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है। राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस घटना को ‘सेल्फ-रेडिकलाइजेशन’ का मामला बताते हुए कहा है कि अब इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) करेगी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 31 वर्षीय आरोपी ने सुरक्षा गार्डों से पहले उनका धर्म पूछा और कथित तौर पर धार्मिक बातों को लेकर विवाद के बाद उन पर हमला कर दिया। इस घटना में दोनों गार्ड घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी इंटरनेट, किताबों और अन्य सामग्री के माध्यम से खुद ही कट्टरपंथी विचारों से प्रभावित हुआ था। उन्होंने इसे ‘लोन वुल्फ’ यानी अकेले अंजाम दिया गया हमला भी बताया है।

ATS और NIA दोनों सक्रिय
घटना की गंभीरता को देखते हुए पहले ही महाराष्ट्र एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) को जांच सौंपी गई थी, जबकि अब राष्ट्रीय स्तर पर इसकी पड़ताल के लिए NIA को भी शामिल किया गया है। एजेंसियां आरोपी के डिजिटल रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित नेटवर्क की जांच कर रही हैं।

कट्टरपंथी सोच की जांच पर जोर
फडणवीस ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियां यह भी पता लगाएंगी कि आरोपी पूरी तरह अकेले काम कर रहा था या इसके पीछे किसी बड़े नेटवर्क या संगठन का हाथ है। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या इस तरह के और लोग भी इसी प्रकार से प्रभावित हो रहे हैं।

 

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