आम जनता को राहत
39 जरूरी दवाओं के दाम तय, अब मनमानी पर लगेगी रोक
नई दिल्ली, प्रतिनिधि:
देशभर के मरीजों को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने 39 आम उपयोग की आवश्यक दवाओं की कीमतों में संशोधन कर दिया है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) द्वारा जारी नई अधिसूचना के तहत इन दवाओं की अधिकतम खुदरा कीमत (MRP) तय कर दी गई है, जिससे अब कंपनियां तय सीमा से अधिक दाम नहीं वसूल सकेंगी।
इस फैसले का उद्देश्य दवाओं की कीमतों में एकरूपता लाना और मरीजों पर बढ़ते आर्थिक बोझ को कम करना है। नई कीमतें रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय द्वारा जारी गजट अधिसूचना के माध्यम से लागू की गई हैं और ये जीएसटी से अलग होंगी।
किन बीमारियों की दवाएं शामिल
इस सूची में ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी, डायबिटीज, कैंसर, एचआईवी, संक्रमण, आंखों की बीमारी और दर्द प्रबंधन जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं शामिल हैं। इससे लाखों मरीजों को सीधा फायदा मिलेगा, खासकर उन लोगों को जो लंबे समय तक दवाओं पर निर्भर रहते हैं।
कुछ प्रमुख दवाओं के दाम
- ब्लड प्रेशर व दिल की दवाएं जैसे एम्लोडिपिन, टेल्मिसार्टन और मेटोप्रोलोल की कीमत करीब ₹12 प्रति टैबलेट तय
- एंटीबायोटिक दवा अमॉक्सिसिलिन-क्लेवुलानेट करीब ₹27 प्रति टैबलेट
- दिल से जुड़ी दवाएं (एस्पिरिन, एटोरवास्टेटिन, क्लोपिडोग्रेल) ₹8-15 के बीच
- कैंसर की दवा इमैटिनिब सॉल्यूशन ₹59.61 प्रति ml
- हार्ट अटैक में उपयोगी इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस ₹60,000 से अधिक प्रति वायल तय
सरकार की सख्ती
NPPA ने स्पष्ट किया है कि कोई भी कंपनी तय कीमत से अधिक पर दवा नहीं बेच सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने पर कंपनियों को जुर्माना और ब्याज सहित अतिरिक्त वसूली राशि जमा करनी होगी।
मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार, इस कदम से लंबे समय तक इलाज कराने वाले मरीजों को राहत मिलेगी और दवाएं अधिक सुलभ होंगी। यह निर्णय स्वास्थ्य सेवाओं को किफायती बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।
(समाप्त)