इंजीनियर चंद्रशेखर के ठिकानों पर विजिलेंस की छापेमारी, दार्जिलिंग में डेढ़ बीघा जमीन और 250 ग्राम जेवर मिले
पटना। ग्रामीण कार्य विभाग में सारण स्थित जांच एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रमंडल में तैनात कार्यपालक अभियंता चंद्रशेखर सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में निगरानी ब्यूरो ने बिहार और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान दार्जिलिंग में करीब डेढ़ बीघा जमीन, पटना में फ्लैट और कटिहार में मकान समेत कई संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज मिलने की जानकारी सामने आई है।
निगरानी ब्यूरो ने चंद्रशेखर सिंह पर आय के ज्ञात स्रोतों से करीब 1.10 करोड़ रुपये अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया है। जांच में चंद्रशेखर सिंह, उनकी पत्नी श्वेता कुमारी और अन्य परिजनों के नाम पर करीब 1.79 करोड़ रुपये की 14 अचल संपत्तियां होने की बात सामने आई है।
दार्जिलिंग में पत्नी के नाम जमीन
जांच के दौरान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले के फांसीदेवा थाना क्षेत्र में पत्नी श्वेता कुमारी के नाम पर खरीदी गई करीब 92 डिसमिल यानी डेढ़ बीघा जमीन का पता चला। रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 में 10 अलग-अलग डीड के जरिए यह जमीन खरीदी गई थी। उस समय चंद्रशेखर सिंह फारबिसगंज में सहायक अभियंता के पद पर कार्यरत थे।
राष्ट्रीय राजमार्ग के नजदीक स्थित इस जमीन का बाजार मूल्य करोड़ों रुपये आंका जा रहा है।
5.70 लाख रुपये नकद और जेवर बरामद
छापेमारी के दौरान पटना और कटिहार स्थित ठिकानों से कुल करीब 5.70 लाख रुपये नकद मिलने की जानकारी है। वहीं कटिहार स्थित पैतृक आवास से करीब 250 ग्राम सोने-चांदी के आभूषण और एक हीरे की अंगूठी भी बरामद की गई है। बरामद जेवरात का मूल्यांकन कराया जा रहा है।
पटना, छपरा, कटिहार और दार्जिलिंग में कार्रवाई
निगरानी टीम ने चंद्रशेखर सिंह के छपरा स्थित सरकारी कार्यालय, पटना के जगदेव पथ स्थित फ्लैट, कटिहार के लोहिया नगर स्थित आवास और दार्जिलिंग के फांसीदेवा क्षेत्र स्थित ठिकाने पर कार्रवाई की।
छपरा कार्यालय में करीब दो घंटे तक विभागीय फाइलों, दस्तावेजों और अन्य रिकॉर्ड की जांच की गई। अधिकारियों ने छापेमारी की वीडियोग्राफी भी कराई।
संपत्तियों और दस्तावेजों का आकलन जारी
निगरानी टीम को कई जमीनों की खरीद से संबंधित डीड और अन्य दस्तावेज मिले हैं। बरामद नकदी, आभूषण और संपत्ति से जुड़े कागजात का मूल्यांकन एवं जांच जारी है। निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही मामले में संपत्ति के कुल मूल्य और अन्य तथ्यों की विस्तृत तस्वीर सामने आने की उम्मीद है।