ईरान में उमड़ा जनसैलाब: मशहद में सुप्रीम लीडर अली खामेनेई को अंतिम विदाई, लाखों लोगों की मौजूदगी
तेहरान/मशहद। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को उनके गृहनगर मशहद में पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। अंतिम संस्कार के दौरान देशभर से आए लाखों लोगों की भारी भीड़ उमड़ी, जिसने इस विदाई को आधुनिक इतिहास के सबसे बड़े जनसमूहों में शामिल कर दिया।
खामेनेई की मृत्यु फरवरी 2026 में अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हमलों में हुई थी, जिसके बाद पूरे देश में कई दिनों तक शोक और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया चली।
ईरान के विभिन्न शहरों—तेहरान, क़ोम और इराक के धार्मिक स्थलों—में कई दिनों तक अंतिम यात्रा और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों में लाखों लोगों ने हिस्सा लिया और अंततः मशहद में दफन के साथ यह प्रक्रिया संपन्न हुई।
अंतिम संस्कार के दौरान बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए, जिन्होंने खामेनेई के समर्थन में नारे लगाए और उनकी विरासत को याद किया। कई स्थानों पर अमेरिका विरोधी नारे भी देखने को मिले, जिससे क्षेत्र में पहले से चल रहे तनाव की झलक साफ दिखाई दी।
विशेषज्ञों का मानना है कि खामेनेई के निधन और उनके अंतिम संस्कार ने ईरान की राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत कर दी है। देश में जहां एक ओर सत्ता परिवर्तन की प्रक्रिया जारी है, वहीं दूसरी ओर आंतरिक असंतोष और वैश्विक तनाव भी लगातार बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि खामेनेई ने करीब 37 वर्षों तक ईरान का नेतृत्व किया और उनके कार्यकाल को देश की राजनीति, विदेश नीति और धार्मिक व्यवस्था पर गहरे प्रभाव के लिए जाना जाता है।