ईरान युद्ध पर शांति वार्ता शुरू, हॉरमुज़ जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा — ट्रंप का सैन्य दबाव बरकरार

इस्लामाबाद/वॉशिंगटन, :
मध्य-पूर्व में जारी अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच शांति की कोशिशें तेज हो गई हैं। पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय वार्ता शुरू हो गई है, लेकिन हालात अब भी बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं।

सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत पिछले कई दशकों में दोनों देशों के बीच सबसे अहम मानी जा रही है। वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब छह सप्ताह से जारी संघर्ष ने वैश्विक तेल आपूर्ति और क्षेत्रीय स्थिरता को गंभीर रूप से प्रभावित किया है।

वार्ता का सबसे बड़ा मुद्दा हॉरमुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) बना हुआ है, जो वैश्विक व्यापार और तेल परिवहन के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। ईरान इस पर नियंत्रण की मांग कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे अंतरराष्ट्रीय मार्ग बनाए रखने पर जोर दे रहा है।

इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका हर हाल में इस जलडमरूमध्य को खुला रखेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने समुद्री मार्ग से बारूदी सुरंगों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि व्यापार और तेल आपूर्ति सुचारू रूप से चल सके।

हालांकि, ईरान की ओर से इन दावों को खारिज किया गया है, जिससे दोनों देशों के बीच अविश्वास की स्थिति और गहरी हो गई है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच इज़राइल-लेबनान मोर्चे पर भी तनाव जारी है, जहां हवाई हमलों में कई लोगों की मौत की खबरें सामने आई हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह वार्ता वैश्विक राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकती है, क्योंकि इसके नतीजे सीधे तौर पर तेल बाजार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और क्षेत्रीय शांति पर असर डालेंगे।

 

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