चीनी की कीमतों में तेज उछाल, कई जगह ₹69 किलो तक पहुंची; सरकार के कदमों से जल्द राहत की उम्मीद
नई दिल्ली। देश में चीनी की कीमतों में लगातार तेजी देखने को मिल रही है। त्योहारी मौसम से पहले खुदरा बाजार में चीनी की कीमत कई शहरों में ₹60 से ऊपर पहुंच गई है, जबकि कुछ बाजारों में यह करीब ₹69 प्रति किलो तक बताई जा रही है। हाल के दिनों में कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई है।
चीनी की कीमतों में इस उछाल के पीछे कम उत्पादन, सीमित उपलब्धता और आगामी त्योहारी सीजन में बढ़ने वाली मांग को प्रमुख कारण माना जा रहा है। मौजूदा चीनी सत्र में उत्पादन शुरुआती अनुमान से कम रहने की खबर है। वहीं, सितंबर के अंत तक देश में चीनी का क्लोजिंग स्टॉक सामान्य जरूरत की तुलना में काफी कम रहने का अनुमान है।
सरकार ने उठाए कई कदम
बढ़ती कीमतों पर नियंत्रण के लिए केंद्र सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के भंडारण की सीमा को कड़ा कर दिया है। 1 सितंबर से 30 नवंबर 2026 तक प्रति माह 10 टन से अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले थोक उपभोक्ता 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे। इससे पहले यह सीमा 30 दिनों की थी।
सरकार ने चीनी की कीमतों पर लगाम लगाने के लिए 10 लाख टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की भी अनुमति दे दी है। यह आयात 31 अक्टूबर तक किया जा सकेगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।
क्या जल्द सस्ती होगी चीनी?
सरकार के कदमों से आने वाले दिनों में कीमतों पर कुछ दबाव कम होने की उम्मीद है, लेकिन तत्काल बड़ी गिरावट की संभावना स्पष्ट नहीं है। आयातित चीनी की बड़ी खेप भारत पहुंचने में समय लग सकता है। वहीं, अगस्त से नवंबर के बीच गणेश चतुर्थी, दशहरा और दीपावली जैसे त्योहारों के कारण मांग ऊंची रहने की संभावना है।
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आयात से घरेलू आपूर्ति में पर्याप्त बढ़ोतरी होती है और जमाखोरी पर नियंत्रण रहता है तो कीमतों में नरमी आ सकती है। हालांकि, कम उत्पादन और त्योहारी मांग के कारण निकट अवधि में चीनी की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रह सकती हैं।