निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत, चाय की दुकान में मिला शव
हरिद्वार, 18 सितंबर 2026: 2006 के बहुचर्चित निठारी कांड में आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की शुक्रवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक उसका शव भूपतवाला क्षेत्र के सप्तऋषि इलाके में स्थित एक चाय की दुकान में मिला। शुरुआती जांच में पुलिस इसे आत्महत्या का मामला मान रही है, हालांकि मौत की परिस्थितियों की जांच जारी है।
चाय की दुकान पर मिला शव
पुलिस के अनुसार कोली पिछले कुछ समय से हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में रह रहा था। हाल में उसने किराये पर चाय की दुकान शुरू की थी। शुक्रवार को दुकान के अंदर उसका शव मिला। मौके से मिले आधार कार्ड के जरिए उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में की गई। फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल की जांच की है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया की जा रही है।
2025 में सुप्रीम कोर्ट से हुआ था बरी
सुरेंद्र कोली लंबे समय तक निठारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में आरोपी और दोषी रहा। अलग-अलग मामलों में उसे कई बार मौत की सजा भी सुनाई गई थी। हालांकि, बाद में अदालतों में इन मामलों में उसकी दोषसिद्धियां पलटती गईं। अक्टूबर 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उसे कई मामलों में बरी किया था। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम लंबित मामले में भी उसकी दोषसिद्धि रद्द कर दी थी। इसके बाद वह जेल से बाहर आया था।
2006 में सामने आया था निठारी कांड
निठारी कांड दिसंबर 2006 में सामने आया था, जब नोएडा के सेक्टर-31 स्थित एक मकान के पीछे नाले और आसपास से बच्चों तथा युवतियों के मानव अवशेष बरामद हुए थे। सुरेंद्र कोली उस मकान में कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर के घरेलू सहायक के तौर पर काम करता था। मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी और इसके बाद लंबे समय तक अदालतों में मुकदमे चले।
मौत की वजह की जांच जारी
हरिद्वार पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच शुरू कर दी है। पुलिस का प्रारंभिक अनुमान आत्महत्या की ओर है, लेकिन अंतिम स्थिति पोस्टमार्टम और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट मिलने की जानकारी नहीं है।
कानूनी स्थिति: सुरेंद्र कोली को निठारी से जुड़े मामलों में पहले दोषी ठहराया गया था, लेकिन बाद में सभी संबंधित मामलों में अदालतों से बरी कर दिया गया। इसलिए वर्तमान रिपोर्टिंग में उसे केवल ‘निठारी कांड का आरोपी रहा’ कहना कानूनी रूप से अधिक सटीक है।