पटना में गंगा ने तोड़ा उच्चतम बाढ़ स्तर, निचले इलाकों पर मंडराया खतरा; सरकार ने बढ़ाई निगरानी

पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर अपने अब तक के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर गया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने पटना समेत गंगा के निचले इलाकों में निगरानी और राहत-बचाव व्यवस्था तेज कर दी है। 

50.57 मीटर के पार पहुंचा जलस्तर

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर लगातार तेजी से बढ़ रहा है। शनिवार को महज चार घंटे के भीतर जलस्तर में करीब 10 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके बाद नदी ने अपने पुराने उच्चतम बाढ़ स्तर को पार कर लिया। इससे पटना के निचले और नदी किनारे बसे इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।

कई जिलों में बाढ़ का असर

गंगा के साथ बिहार की कई अन्य प्रमुख नदियां भी उफान पर हैं। पटना के अलावा भागलपुर, मुंगेर, वैशाली और अन्य जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, राज्य के 12 से 14 जिलों में 22 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं।

NDRF-SDRF की टीमें तैनात

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान जारी है। सरकार ने NDRF और SDRF की 33 टीमें तैनात की हैं और करीब 700 सरकारी नावों का संचालन किया जा रहा है। प्रभावित क्षेत्रों में कम्युनिटी किचन और राहत शिविरों के जरिए लोगों तक भोजन व आवश्यक सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।

डाउनस्ट्रीम इलाकों में अलर्ट

गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर को पार करने के बाद नदी के निचले हिस्सों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन को तटबंधों की लगातार निगरानी, संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार सरकार की नजर अब गंगा समेत अन्य नदियों के जलस्तर पर बनी हुई है। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के बीच आने वाले घंटों को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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