पटना AI समिट में ‘विकसित बिहार’ का संकल्प, बाहर छात्रों का हंगामा

पटना, संवाददाता:
राजधानी पटना में शनिवार को आयोजित बिहार के पहले “एआई समिट-2026” के दौरान एक ओर जहां मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य को विकसित और डिजिटल हब बनाने का बड़ा विजन पेश किया, वहीं दूसरी ओर आयोजन स्थल के बाहर छात्रों और इनोवेटर्स का जमकर विरोध-प्रदर्शन देखने को मिला।

ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित इस समिट का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार अब तकनीक के जरिए तेज विकास की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने घोषणा की कि राज्य के लिए जल्द ही एक नई आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) नीति लाई जाएगी, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता और विकास को गति मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक कामकाज पर सख्ती दिखाते हुए कहा कि अब किसी भी सरकारी फाइल का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा, अन्यथा 31वें दिन संबंधित अधिकारी को निलंबित किया जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने कानून-व्यवस्था में AI के उपयोग पर जोर देते हुए बताया कि पटना में हजारों AI कैमरे लगाए जा चुके हैं, जिनसे अपराधियों पर त्वरित कार्रवाई संभव हो रही है।

हालांकि, समिट के दौरान अव्यवस्था ने आयोजन की चमक को फीका कर दिया। बड़ी संख्या में ऐसे छात्र और प्रतिभागी, जिन्होंने पहले से रजिस्ट्रेशन कराया था, उन्हें सुरक्षा और सीमित क्षमता का हवाला देकर अंदर प्रवेश नहीं दिया गया। इससे नाराज छात्रों ने बाहर जमकर नारेबाजी की और प्रदर्शन किया।

तेज गर्मी में घंटों इंतजार के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिसके बाद जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात को नियंत्रित किया। छात्रों का आरोप था कि उन्होंने रजिस्ट्रेशन फीस देने के बावजूद कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर नहीं मिला, जो गंभीर कुप्रबंधन को दर्शाता है।

 

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