पद के दुरुपयोग के आरोप में मधेपुरा के सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार निलंबित
मधेपुरा, 19 सितंबर 2026: बिहार स्वास्थ्य विभाग ने पद के दुरुपयोग और कथित भ्रष्ट आचरण के आरोपों में मधेपुरा के असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (सिविल सर्जन) डॉ. विजय कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई बिहार सरकारी सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत की गई है।
सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को दोबारा खुलवाने का आरोप
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, डॉ. विजय कुमार पर पहले सील किए गए सत्यम इमरजेंसी हॉस्पिटल को दोबारा खुलवाने के लिए संचिका खोलकर उसके संचालन की अनुमति देने और इसके बदले अनधिकृत राशि प्राप्त करने का आरोप है। विभाग ने इसे पद के दुरुपयोग से जुड़ा मामला माना है।
निजी नर्सिंग होम के लाइसेंस को लेकर जांच
मामला निजी नर्सिंग होम की जांच और लाइसेंस से जुड़े कथित अवैध लेन-देन के वायरल वीडियो के सामने आने के बाद भी जांच के दायरे में आया। मधेपुरा के जिलाधिकारी के स्तर से जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम गठित की गई थी। जांच रिपोर्ट में डॉ. विजय कुमार के आचरण को प्रथम दृष्टया भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में रखा गया।
जांच रिपोर्ट के बाद स्वास्थ्य विभाग ने लिया फैसला
जांच समिति की रिपोर्ट और जिलाधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए तथ्यों के आधार पर स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन का आदेश जारी किया। निलंबन अवधि में डॉ. विजय कुमार का मुख्यालय स्वास्थ्य विभाग, पटना निर्धारित किया गया है। विभागीय स्तर पर आरोपों की आगे विस्तृत जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
नए अधिकारियों को अतिरिक्त प्रभार
मधेपुरा में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में व्यवधान न हो, इसके लिए विभाग ने वैकल्पिक व्यवस्था की है। डॉ. विपिन कुमार गुप्ता को सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। वहीं डॉ. रंजना कुमारी और डॉ. वेद प्रकाश गुप्ता को भी अलग-अलग अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।