पीएमसीएच में टोकन के बाद ही बनेगी ओपीडी पर्ची, मरीजों की सुविधा के लिए लगाए गए 25 मशीनें

पटना। पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में मरीजों की बढ़ती भीड़ को व्यवस्थित करने और पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए नई टोकन व्यवस्था शुरू की गई है। अब मरीजों को ओपीडी की पर्ची बनवाने के लिए पहले टोकन लेना होगा। इसके बाद स्क्रीन पर नंबर आने पर निर्धारित काउंटर से पर्ची बनवाई जा सकेगी।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को पीएमसीएच पुनर्विकास योजना के पहले चरण के तहत नवनिर्मित टावर-3 का उद्घाटन किया। अस्पताल में नई सुविधाओं के विस्तार के साथ पंजीकरण व्यवस्था को भी आधुनिक बनाया गया है।

रोजाना पांच हजार मरीजों के पंजीकरण की क्षमता

पीएमसीएच के नए भवन में वातानुकूलित पंजीकरण केंद्र बनाया गया है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब पांच हजार मरीजों के पंजीकरण की क्षमता विकसित की गई है। मरीजों को टोकन देने के लिए 25 मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों में जरूरी जानकारी दर्ज करने के बाद टोकन नंबर मिलेगा। स्क्रीन पर नंबर प्रदर्शित होने के बाद मरीज संबंधित काउंटर पर जाकर पर्ची बनवा सकेंगे।

ओपीडी और आईपीडी के लिए 13-13 काउंटर

नए भवन में ओपीडी और आईपीडी के पंजीकरण के लिए अलग-अलग 13-13 काउंटर बनाए गए हैं। इनमें महिलाओं के लिए दो और बुजुर्गों एवं दिव्यांगों के लिए एक काउंटर आरक्षित रखा गया है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, एक सप्ताह तक पुराने और नए दोनों पंजीकरण केंद्रों पर सुविधा उपलब्ध रहेगी। इस महीने के अंत तक नए केंद्र से पूरी व्यवस्था संचालित करने की योजना है।

बच्चों के इलाज के लिए भी बढ़ीं सुविधाएं

टावर-3 की पांचवीं मंजिल पर 58 बेड का नवजात शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (NICU) और 40 बेड का शिशु गहन चिकित्सा कक्ष (PICU) शुरू किया गया है। पहले PICU में 20 बेड थे। नए भवन में ऑपरेशन थिएटर, इमरजेंसी यूनिट और विभिन्न विभागों के वार्ड भी विकसित किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अस्पताल की नई सुविधाओं का उचित रखरखाव सुनिश्चित करने और मरीजों व उनके परिजनों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया।

दवा वितरण के लिए 13 काउंटर

मरीजों को दवाएं उपलब्ध कराने के लिए भी व्यवस्था का विस्तार किया जा रहा है। ओपीडी में डॉक्टर से परामर्श लेने वाले मरीजों के लिए राजेंद्र सर्जिकल ब्लॉक के पास फार्मेसी की व्यवस्था की जा रही है, जहां दवा वितरण के लिए 13 काउंटर बनाए गए हैं। इमरजेंसी में आने वाले मरीजों के लिए पंजीकरण केंद्र के पास अलग फार्मेसी की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

अस्पताल प्रशासन को उम्मीद है कि टोकन प्रणाली, अतिरिक्त काउंटर और नई चिकित्सा सुविधाओं से मरीजों को पंजीकरण के दौरान लंबी कतारों से राहत मिलेगी और इलाज की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।

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