बंगाल चुनाव पर कांग्रेस का बड़ा आरोप, 50 सीटों पर पुनर्मतदान की मांग
नई दिल्ली/कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव परिणामों के बाद कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाते हुए राज्य की 50 विधानसभा सीटों पर पुनर्मतदान कराने की मांग की है। पार्टी का आरोप है कि जिन सीटों पर जीत का अंतर कम रहा, वहां मतदाता सूची से हटाए गए वोटरों की संख्या जीत के अंतर से अधिक है।
कांग्रेस नेता Pawan Khera ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में आरोप लगाया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के जरिए बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाए गए, जिससे चुनाव परिणाम प्रभावित हुए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए और लाखों लोगों को मतदान के अधिकार से वंचित किया गया।
कांग्रेस ने इस पूरे मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्वतः संज्ञान लेने की अपील की है। पार्टी का कहना है कि जिन सीटों पर हटाए गए मतदाताओं की संख्या जीत के अंतर से ज्यादा है, वहां दोबारा मतदान कराया जाना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता बनी रहे।
पवन खेड़ा ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर चुनावी नतीजों को प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में चुनावी अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए इसे “लोकतंत्र के लिए खतरा” बताया।
हालांकि भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विपक्ष अपनी हार स्वीकार करने के बजाय चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठा रहा है। वहीं चुनाव आयोग की ओर से अभी तक कांग्रेस की मांग पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।