बिहार में अपराधियों पर कसेंगे शिकंजा, थानावार बनेगी सूची; लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे CM सम्राट
साइबर अपराध, नशे के अवैध कारोबार और पेपर लीक पर भी सख्ती; संवेदनशील सोशल मीडिया मामलों में दो घंटे के भीतर कार्रवाई के निर्देश
पटना, संवाददाता। बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने तथा पुलिस प्रशासन को अधिक जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को जिलावार और थानावार अपराधियों की सूची तैयार करने तथा आदतन अपराधियों पर लगातार निगरानी रखने को कहा। जरूरत के अनुसार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA) के प्रावधानों का इस्तेमाल करने और आपराधिक मामलों की जांच तेजी से पूरी कर दोषियों के खिलाफ प्रभावी अभियोजन सुनिश्चित करने का निर्देश भी दिया।
डायल-112 की प्रतिक्रिया में तेजी लाने पर जोर
आपातकालीन पुलिस सेवा की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने डायल-112 की प्रतिक्रिया अवधि और कम करने का निर्देश दिया। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि बिहार में इसका औसत रिस्पांस टाइम करीब 11 मिनट या उससे कम है, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 17 मिनट है। मुख्यमंत्री ने तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से पुलिस सहायता को अधिक प्रभावी बनाने और संवेदनशील इलाकों में नियमित गश्त बढ़ाने पर जोर दिया।
साइबर अपराध पर निगरानी, हेल्पलाइन 1930 का होगा प्रचार
मुख्यमंत्री ने सभी जिलों में साइबर अपराध की निगरानी मजबूत करने और साइबर ठगी की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया पर भ्रामक, आपत्तिजनक या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली सामग्री के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया।
उन्होंने निर्देश दिया कि संवेदनशील सोशल मीडिया मामलों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक दो घंटे के भीतर आवश्यक प्रतिक्रिया दें। इस व्यवस्था की निगरानी पुलिस मुख्यालय स्तर से की जाएगी।
नशे और आर्थिक अपराधों पर भी सख्ती
बैठक में अवैध नशीले पदार्थों के कारोबार पर रोक लगाने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने और संबंधित एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने अवैध तरीके से संपत्ति या आर्थिक लाभ अर्जित करने वालों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई तेज करने का निर्देश दिया।
इसके अलावा जिला दंगा निरोधी दस्तों के पुनर्गठन, विशेष कार्य बल को आधुनिक बनाने और महिला पुलिसकर्मियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तथा जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी चर्चा हुई।
परीक्षा में गड़बड़ी करने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं को निष्पक्ष और कदाचारमुक्त बनाने का निर्देश देते हुए पेपर लीक तथा अन्य अनियमितताओं में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा। सार्वजनिक स्थलों पर अशांति फैलाने और अश्लील या द्विअर्थी गीतों के जरिए कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले मामलों में भी नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक प्रीता वर्मा, गृह विभाग के प्रधान सचिव पंकज कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।