बिहार में अब बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य, गैरहाजिरी पर कटेगा वेतन

पंचायत से जिला स्तर तक लागू होगी नई व्यवस्था, डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर होगा वेतन भुगतान

रिपोर्ट: अनिरुद्ध नारायण, इंटर्न BAJMC

पटना:
बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्यकुशलता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ा निर्णय लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज करना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नई व्यवस्था के तहत अनुपस्थित पाए जाने या समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के वेतन में कटौती की जाएगी।

सरकार द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह प्रणाली पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में लागू होगी। कर्मचारियों की उपस्थिति अब बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से डिजिटल रूप में दर्ज की जाएगी, जिससे हाजिरी का सटीक और पारदर्शी रिकॉर्ड उपलब्ध हो सकेगा।

सामान्य प्रशासन विभाग के आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सभी कर्मचारियों को अपनी उपस्थिति बायोमेट्रिक प्रणाली के जरिए ही दर्ज करनी होगी। लंबे समय से कार्यालयों में देर से आने और समय से पहले जाने की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

सरकार ने यह भी चेतावनी दी है कि निर्धारित समय का पालन नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। देर से आने या अनुपस्थित रहने की स्थिति में अवकाश समायोजन के साथ-साथ वेतन कटौती भी की जा सकती है। साथ ही, वेतन भुगतान भी अब उपस्थिति के डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जाएगा।

निर्देश में कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। उन्हें हर माह कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड तैयार कर विभाग को सौंपना होगा। इसके अलावा जिन कार्यालयों में बायोमेट्रिक मशीनें खराब हैं, उन्हें तुरंत दुरुस्त करने और जहां नहीं हैं, वहां जल्द स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकार का मानना है कि इस तकनीकी व्यवस्था से न केवल कार्य संस्कृति में सुधार होगा, बल्कि आम जनता को बेहतर और समयबद्ध सेवाएं भी मिल सकेंगी।

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