बिहार में दिवाली की धूम, सम्राट चौधरी ने दी प्रदेशवासियों को बधाई; विधान परिषद भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल
ब्लैकलिस्टेड एजेंसी को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी देने का मामला आया सामने, त्योहारों को लेकर पुलिस अलर्ट; अस्पतालों में भी विशेष इंतजाम
पटना। बिहार में रविवार को दीपावली का त्योहार पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संदेश में लोगों के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और नई आशाओं के प्रकाश की कामना की। मुख्यमंत्री ने लोगों से सामाजिक सौहार्द और एक विकसित बिहार के निर्माण का संकल्प लेने की अपील भी की।
विधान परिषद भर्ती प्रक्रिया पर विवाद
बिहार विधान परिषद में नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर नया विवाद सामने आया है। जिस एजेंसी को परीक्षा और भर्ती प्रक्रिया संचालित करने की जिम्मेदारी दी गई थी, उसके पहले से ही ब्लैकलिस्टेड होने की जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, सीएस डाटा मेशन रिसर्च सर्विस प्राइवेट लिमिटेड को भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। इसी एजेंसी को पटना हाईकोर्ट ने एक अन्य भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी पाए जाने के बाद तीन वर्षों के लिए ब्लैकलिस्ट किया था। अब इस मामले को लेकर नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
दिवाली पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम
त्योहार के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बिहार पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। संवेदनशील इलाकों में विशेष निगरानी रखी जा रही है। करीब 20 हजार प्रशिक्षु पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों, होमगार्ड तथा रैपिड एक्शन फोर्स के जवानों की तैनाती की गई है। पुलिस सोशल मीडिया पर भ्रामक और आपत्तिजनक संदेशों पर भी नजर रख रही है।
सरकारी अस्पतालों में आपातकालीन व्यवस्था
दीपावली और आगामी छठ महापर्व को देखते हुए सरकारी अस्पतालों में विशेष चिकित्सा व्यवस्था की गई है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की रोस्टर के अनुसार ड्यूटी लगाई गई है। एंबुलेंस सेवा 102 को अलर्ट रखा गया है। पटाखों से जलने और अन्य दुर्घटनाओं के शिकार मरीजों के इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में विशेष इंतजाम किए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर सिविल सर्जन की अध्यक्षता में समितियां गठित कर आपातकालीन सेवाओं की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी है। छठ घाटों पर भी स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती की तैयारी की जा रही है।
त्योहारों के बीच प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और कानून-व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखना है। वहीं, बिहार विधान परिषद की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा विवाद भी राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बना हुआ है।